उत्तराखंड

आरएसएस के प्रचार प्रमुख विपिन कर्णवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिले में बीते दिनों एक आरएसएस नेता ने फेसबुक पोस्ट पर नाराजगी जताते हुए मृतक अंकिता भंडारी के पिता और भाई को उसकी हत्या के लिए दोषी ठहराया था. हालांकि, इस मामले में देहरादून के रायवाला थाने में ऋषिकेश इलाके के आरएसएस के प्रचार प्रमुख विपिन कर्णवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. इस दौरान पुलिस ने युवक विजयपाल की शिकायत के आधार पर कर्णवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में रायवाला थाना पुलिस के डीएसपी ने बताया कि पिछले दिनों सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक पर आरएसएस नेता कर्णवाल ने अंकिता हत्याकांड को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था. उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच-पड़ताल कर रहे है. उसके आधार पर ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान पुलिस ने कर्णवाल के खिलाफ भारतीय दंड़ संहिता की धारा 153 ए, धारा 509,और धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है.

RSS नेता कर्णवाल ने अपने बयान को लेकर मांगी माफी

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उत्तराखंड महिला आयोग ने भी आरएसएस नेता को नोटिस जारी किया है. जहां कर्णवाल ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा था कि सबसे बड़ा अपराधी उसके पिता हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर आरोपी विपिन कर्णवाल के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश और अपनी गिरफ्तारी की मांग के बाद कर्णवाल ने माफी मांगी थी. साथ ही कहा था कि लोगों को उनकी भावनाओं को समझना चाहिए. उन्होंने कहा था कि मृतकअंकिता के साथ जो कुछ भी हुआ वह गलत है. मैंने सुरक्षा के चलते ये बात कही थी. अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मुझे इसके लिए माफी मांगना चाहता हूं. साथ ही मेरा उनके पिता और भाई के बारे में बोलने का मतलब कुछ भी गलत नहीं था.

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