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जिले में स्वयं सहायता समूहों के डिजिटाईजेशन हेतु ईशक्ति प्रोजेक्ट लाॅन्च

चमोली : चमोली जिले में स्वयं सहायता समूहों में बेहतर लेखा जोखा रखने हेतु राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने ईशक्ति प्रोजेक्ट लाॅन्च किया है।

मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में ईशक्ति प्रोजेक्ट लाॅन्च किया गया।

इस दौरान नाबार्ड द्वारा जिले की भौतिक एवं वित्तीय दृष्टि से ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों पर प्रकाशित ‘‘संभाव्यता युक्त ऋण योजना’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

देहरादून आफिस से कंसलटेंट जीएस चैधरी एवं नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अभिनव कापड़ी ने विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यशाला में बैकर्स, स्वयं सेवी संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों को ईशक्ति प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि देश के 100 जिलों में नाबार्ड यह प्रोजेक्ट चला रहा है और नए 150 जिलों में चमोली जिले का चयन हुआ है।
डीडीएम नाबार्ड ने कहा कि ईशक्ति प्रोजेक्ट के तहत हर महीने स्वयं सहायता समूहों के लेन देन का विवरण आॅनलाइन पोर्टल में अपलोड करने के लिए नाबार्ड द्वारा 30 स्वयं सहायता समूहों पर एक एनिमेटर रखा जाएगा।
समूहों के अन्दुरूनी एवं बैंक के लेन देने के समूहों कि आटोमेटिक ग्रेडिंग होगी, जिसे बैंक एवं जिला प्रशासन भी देख पाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे बैंकों के पास समूहों के ऋण आवेदन खुद-व-खुद पहुॅच जाएंगे, जिससे समूहों को असुविधा का सामना नही करना पडेगा। इसके अलावा बैंक शाखा मैनेजरों को भी स्वयं सहायता समूहों की निगरानी के लिए आईडी दी जाएगी।
डीडीएम नाबार्ड ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से समूहों के क्रेडिट लिंकेज में सहायता मिलेगी और बैंक ससमय ऋण आवेदन का निपटारा कर पाएंगे।
हर समूह का आॅनलाइन बहीखाता हमेशा तैयार मिलेगा तथा समूह की हर महिला को हर बैंक लेन देन का मेसेज सीधे उसके मोबाइल फोन पर आएगा।
बताया कि ईशक्ति प्रोजेक्ट के तहत हर एनिमेटर को नाबार्ड द्वारा मोबाइल फोन वितरित किया जाएगा, जिसमें ईशक्ति एप के माध्यम से ये सारी जानकारी वास्तविक समय में आॅनलाइन उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ईशक्ति प्रोजेक्ट महिला सशक्तिकरण के लिए एक अहम जरिया साबित होगा।
मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने बैंकों को ईशक्ति प्रोजेक्ट में जरूरी योगदान देने के निर्देश दिए। कहा कि स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक ऋण आवंटित करने से बैकों के सीडी रेश्यों में भी सुधार होगा तथा स्वयं सहायता समूह जिले में और बेहतर ढंग से कार्य कर सकेंगे।
इस अवसर पर एसबीआई के मुख्य प्रबन्धक प्रताप सिंह राणा, आरसेटी निदेशक अखिलेश कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी राम कुमार दोहरे सहित विभिन्न बैंको के शाखा प्रबन्धक, एनजीओ एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थे।

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