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इस गांव में दो सौ परिवार के हर हाथ में है रोजगार

उत्‍तरकाशी । यह किसी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से 42 किमी दूर स्थित गौरशाली गांव की खुशहाली की कहानी है। भोर से लेकर सांझ तक इस गांव के लोगों की अपनी अलग ही दिनचर्या है। गांव में करीब 200 परिवार हैं और हर परिवार खेती-किसानी के स्वरोजगार से जुड़ा हुआ है। इनमें 80 फीसद परिवार पशुपालन व मुर्गी पालन भी करते हैं।

गौरशाली गांव के ग्रामीणों के कर्मयोग ने न केवल इस गांव को संपन्नता प्रदान की, बल्कि औरों को भी उन्नति की राह दिखाई है। गांव में बदलाव वर्ष 2015 के बाद तब आया, जब वहां रिलायंस फाउंडेशन की टीम ने ग्रामीणों को खेती-किसानी की नई तकनीकी से परिचित कराया। साथ ही नकदी फसलें उगाने को भी प्रेरित किया। गौरशाली के 46-वर्षीय वीरेंद्र राणा बताते हैं कि वर्ष 2015 में रिलायंस फाउंडेशन ने गांव में छोटे साइज के 19 पॉलीहाउस लगाए। नगदी फसलों का अच्छा उत्पादन मिला तो ग्रामीणों ने स्वयं भी आठ बड़े पॉलीहाउस लगा दिए। इसके अलावा गांव से रोजाना सौ लीटर दूध दुग्ध संघ की आंचल डेयरी को जाता है। गांव के 52-वर्षीय जयपाल चौहान बताते हैं कि टमाटर, मटर, फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च व छप्पन कद्दू के अलावा आलू-मटर का भी बेहतर उत्पादन हो रहा है। उत्पादों का सही मूल्य मिलने से काश्तकारों को अच्छी गुणवत्ता वाला बीज भी मिल रहा है।

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