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ग्राम और क्षेत्र पंचायत के रिक्त पदों के लिए अगले माह होंगे चुनाव

देहरादून, हरिद्वार को छोड़ राज्य के शेष 12 जिलों में जल्द ही फिर चुनावी बयार चलेगी। ग्राम और क्षेत्र पंचायतों में रिक्त रह गए 30797 पदों के उपचुनाव को कसरत शुरू हो गई है। दिसंबर में प्रस्तावित उपचुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।

इस पर मंथन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलने के बाद 25 नवंबर को उपचुनाव का कार्यक्रम तय होने की संभावना है। ऐसे में अगले माह सर्दी के बीच राज्य के गांवों में फिर से चुनावी गर्माहट घुलेगी।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत प्रदेश के 12 जिलों के 89 विकासखंडों में बीती पांच, 11 व 16 अक्टूबर को तीन चरणों में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य और क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव हुए थे।

इस दौरान ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 30797 पदों पर नामांकन नहीं हुआ। इन रिक्त पदों में ग्राम पंचायत सदस्यों के सर्वाधिक 30663 पद हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा न होने से पंचायतों का गठन नहीं हो पाएगा।

विपक्ष ने भी इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार और आयोग पर सवाल उठाकर निशाना साधा है। अब जबकि क्षेत्र पंचायतों में प्रमुखों और जिला पंचायतों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव संपन्न हो चुके हैं तो रिक्त पदों के उपचुनाव की कसरत प्रारंभ की गई है।

सूत्रों के मुताबिक आयोग से प्रस्तावित कार्यक्रम मिलने के बाद शासन स्तर पर इसे लेकर मंथन चल रहा है। जल्द तिथियां तय कर दी जाएंगी। सूत्रों ने बताया के मुख्यमंत्री ने 25 नवंबर को इस बारे में आला अफसरों की बैठक बुलाई है।

उत्तराखंड के पंचायती राज सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा के अनुसार, पंचायतों में रिक्त पदों के उपचुनाव के लिए कार्यक्रम की तिथियां तय की जा रही हैं। 25 नवंबर को इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट के मुताबिक, आयोग ने पंचायतों में खाली रह गए 30797 पदों के उपचुनाव के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम भेज दिया है। सरकार से विमर्श के बाद जल्द ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

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