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कार्बेट और राजाजी पार्क के बफर जोन से बाहर होंगे आठ गांव

देहरादून, कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आने वाले आठ गांवों को इससे बाहर किया जाएगा। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को मंथन सभागार में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी।

इन गांवों में कार्बेट का एक और राजाजी के सात गांव शामिल हैं। इस संबंध में वन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि इसे कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जा सके।

कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन की जद में आने वाले गांव वन्यजीवों के खौफ के साथ ही वन कानूनों की बंदिशें झेल रहे हैं।

इन गांवों के बाशिंदे लंबे अर्से से उन्हें बफर जोन से बाहर करने की मांग उठा रहे हैं। इस बीच मंगलवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में भी यह मसला उठा।

कहा गया कि संरक्षित क्षेत्रों से दूसरे स्थानों पर बसाए जाने पर वन ग्रामों के लोगों को भी भूमि संबंधी वही अधिकार मिलने चाहिए, जो उन्हें अपनी पहले की भूमि पर प्राप्त थे।

इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निश्चय भी किया गया था। साथ ही कार्बेट और राजाजी के बफर जोन व ईको सेंसिटिव जोन की जद में आने वाले गांवों के संबंध में चर्चा हुई थी।

इसके बाद शाम को वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने बफर व ईको सेंसिटिव जोन के संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली।

प्रमुख मुख्य वन संरक्षक जय राज के मुताबिक बैठक में तय हुआ कि कार्बेट के बफर जोन में आने वाले ढेला गांव को इससे बाहर किया जाए। इसके अलावा राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर में शामिल सात गांवों को भी इससे बाहर करने पर सहमति बनी।

प्रमुख मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि इन आठ गांवों को बफर जोन से बाहर करने के संबंध में वन महकमा जल्द ही प्रस्ताव तैयार करेगा।

फिर इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में ईको सेंसिटिव जोन की परिधि में आने वाले गांवों के संबंध में चर्चा की गई।

इनके बारे में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। बैठक में रामनगर के विधायक दीवान सिंह, प्रमुख सचिव वन आनंदवर्द्धन, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजीव भरतरी के अलावा कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक मौजूद थे।

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