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आरआइ के घर डकैती मामले में डीवीआर बरामदगी को आशारोड़ी जंगल में की कांबिंग

देहरादून, परिवहन विभाग के आरआइ के घर डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद वीरेंद्र ठाकुर और उसके गुर्गे घर में लगी डीवीआर को भी उखाड़ ले गए थे।

कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद वसंत विहार पुलिस ने इसी की तलाश में दिल्ली हाइवे पर आशारोड़ी जंगलों में घंटों कांबिंग की। सूत्रों की मानें तो डीवीआर के कवर प्लास्टिक टुकड़े तो मिल गए, लेकिन पूरी डीवीआर की तलाश अभी जारी है।

वसंत विहार के विजय पार्क निवासी आरआइ के घर 26 मई को डकैती पड़ी थी। मगर इस वारदात का पर्दाफाश 22 सितंबर को आरपी ईश्वरन के घर डाका डालने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद हुआ था। दोनों वारदातों को वीरेंद्र ठाकुर गैंग के गुर्गों ने ही अंजाम दिया थी।

इस घटना के कई रहस्यों से अभी पर्दा उठना बाकी है। वीरेंद्र ठाकुर ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को बयान दिया था कि आरआइ के घर से उसे करीब 1.38 करोड़ की रकम मिली थी।

जबकि पिछले दिनों जब आरआइ की पत्नी ने वसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज कराया तो उसमें बीस लाख की ज्वैलरी और पांच लाख रुपये कैश लूटे जाने की बात बताई गई।

वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी उखाड़ ले गए थे, इस वजह से घटनाक्रम को लेकर अभी कई बातों का पता नहीं चल सका है।

ऐसे में बुधवार से 48 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद वसंत विहार पुलिस पहले डीवीआर की तलाश में ही जुटी रही। प़ुलिस ने वारदात के बाद दिल्ली भागने के रास्तों पर आशारोड़ी के जंगल से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा में बिहारीगढ़ तक कांबिंग की।

सूत्रों की मानें तो डीवीआर के कुछ टुकड़े तो मिल गए हैं, लेकिन रिकार्डिंग वाला हिस्सा अभी नहीं मिला है। वहीं, देर रात पुलिस वीरेंद्र ठाकुर निवासी दिल्ली, हैदर निवासी बिजनौर व अदनान निवासी दिल्ली को लेकर दिल्ली रवाना हो गई, जहां घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की तलाश की जाएगी।

आरआइ डकैती कांड की गुत्थी सुलझने का पूरा दारोमदार डीवीआर पर है। यदि पुलिस को डीवीआर मिल जाती है और उसका डाटा रिकवर हो जाता है तो उससे पुलिस यह पता लगाने में काफी हद तक कामयाब हो जाएगी कि आरआइ के घर से कितनी रकम का डाका पड़ा था।

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