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गोपेश्वर लॉक डाउन के दौरान दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूर जोशीमठ से सहारनपुर पैदल निकले

गोपेश्वर: लॉक डाउन के दौरान दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूर खासे परेशान हैं। बाहरी जिलों से यहां काम करने आए इन मजदूरों को जब कहीं से भी मदद नहीं मिली तो सब्र का बांध टूटा और जोशीमठ से सहारनपुर के लिए 337 किमी पैदल ही चलने का निर्णय ले लिया। ये मजदूर रास्ते में पुलिस न पकड़े इसलिए चार-चार के झुंड में चल रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उनका ठेकेदार भी चंपत हो गया। डेरे में राशन नहीं है। ऐसे में घर की अलग से चिता बनी है।

गौरतलब है कि चमोली जिले में बाहरी प्रदेशों से सैकड़ों मजदूर काम करने के लिए पहुंचे हैं। लॉक डाउन के दौरान कार्य बंद हो गए हैं। अधिकतर ठेकेदार व अधिकारी भी कार्य स्थलों से गायब हैं। ऐसे में मजदूरों के पास खाने के लिए राशन भी नहीं बची है। ऐसे में मजदूरों ने पैदल ही घर की राह पकड़ी है।

चमोली हाईवे से पैदल जा रहे ग्राम बेहट जिला सहारनपुर निवासी सन्नी का कहना है कि वह जोशीमठ क्षेत्र में हाईवे चौड़ीकरण के कार्य के लिए श्रवण ठेकेदार के साथ आए थे। लॉक डाउन के बाद ठेकेदार का कोई पता नहीं है। वे कार्य स्थल के आसपास झुग्गी में रहते थे। डेरे में राशन भी नहीं बचा है। ऐसे में एकमात्र सहारा उनके पास घर वापसी है। लिहाजा वे सुबह चार बजे हेलंग से चलकर सहारनपुर के लिए निकले हैं। ग्राम संसारपुर सहारनपुर निवासी इरफान का कहना है कि उनके गांव व आसपास के 18 मजदूर काम करने के लिए चमोली पहुंचे थे। जब ठेकेदार ने मुंह मोड़ा तो अब उनके पास पैदल ही घर जाने का एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि कुछ खाने का सामान उनके बैग में है। रात को खिचड़ी भोजन बनाकर वे किसी तरह घर पहुंचने की मंशा पाले हुए हैं।

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