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राजकीय इंटर कालेज साकरी में दरकती दीवारों के बीच बुन रहे सुनहरे भविष्य के सपने

पुरोला: मोरी सुदूरवर्ती अडोर बडासु पट्टी के 16 गांव के मध्य बने राजकीय इंटर कालेज साकरी में 404 छात्र-छात्राएं दरकती दीवार के साए में सुनहरे भविष्य के सपने बुनने को मजबूर हैं। करीब 38 वर्ष पुराना यह विद्यालय भवन इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता है।

वर्ष 1982-83 में सांकरी में जूनियर हाईस्कूल का भवन बना था, जिसके बाद वर्ष 1987 में दसवीं तक की स्वीकृति मिली। लेकिन नया भवन नहीं बना। फिर 2014-15 में इस विद्यालय का इंटरमीडिएट में उच्चीकरण हुआ है। लेकिन भवन निर्माण तो दूर पुराने जर्जर भवन की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत के लिए बजट तक की स्वीकृति नहीं मिली। जबकि यह विद्यालय 16 गांव के मध्य का विद्यालय है। इस विद्यालय में कोटगांव, गैंचवागांव, देवरा गांव, सांकरी, ओसला, गंगाड, ढाटमीर, पंवाणी, हलटाडी व मौताड आदि गांवों के नौनिहाल अध्ययनरत हैं। हाल यह है कि दो वर्ष पहले इस विद्यालय के चार कमरों के अतिरिक्त भवन की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन, विभाग अथवा प्रशासन ने आज तक दीवारों के मरम्मत के लिए बजट जारी नहीं किया। इससे पूरा भवन गिरने की कगार पर है। हालांकि क्षतिग्रस्त भवन के एक कक्ष में छात्र-छात्राओं को नहीं बिठाया जाता है, कितु कक्षों के अभाव में बारिश और बर्फबारी होने पर विद्यालय प्रशासन के सामने क्षतिग्रस्त कमरे में बिठाने की मजबूरी है।

क्षेत्र प्रमुख बचन पंवार एवं जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत ने बताया कि जिला एवं क्षेत्र पंचायत बैठकों में प्रतिनिधियों ने कई बार सांकरी इंटर कालेज भवन निर्माण के लिए शासन व शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन आजतक विद्यालय भवन के लिए बजट नहीं मिला। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप सेमवाल ने बताया कि अभी तक तीन बार विभाग ने भवन निर्माण का प्रस्ताव मांगा है, कितु बात इससे आगे नहीं बढ़ी।

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