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कुमाऊं में गर्मी से पहले ही जलजनित रोग डायरिया की चपेट में आये तीन गांवों के ग्रामीण

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रानीखेत (अल्मोड़ा) : कुमाऊं में गर्मी से पहले ही जलजनित रोग ने पांव पसार लिए हैं। अल्मोड़ा जिले ताड़ीखेत ब्लॉक के तीन गांवों में कई ग्रामीण डायरिया की चपेट में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आनन फानन टीम गठित कर प्रभावित गांवों में डेरा डाल दिया है। शिविर लगा ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं बांटी जा रहीं। स्वास्थ्य महकमे ने डायरिया की पुष्टि करते हुए सौ से ज्यादा लोगों के बीमार होने की बात कही है।

डॉक्टरों की टीम ने गांव में डाला डेरा

ताड़ीखेत ब्लॉक के डूंगरा, बजोल व कनार गांव में दूषित पानी पीने से लोग डायरिया से पस्त हैं। ग्रामीणों की सूचना पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. डीएस नबियाल के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम तीनों गांवों में भेजी गई है। शिविर लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। डॉ. शिखा जोशी ने बताया कि दूषित पानी पीने से ग्रामीण जलजनित रोग की चपेट में आए हैं। गांव स्थित पेयजल टैंक की सफाई आदि कर कीटनाशक दवाई मिलाई गई। टीम में डॉ. शिखा जोशी, फार्मासिस्ट गिरधर बिष्ट, चांदनी गैडा़, एएनएम सुमन चंद्राकर, सरिता देवी, हेमलता गांव में हैैं।

स्थिति को नियंत्रण में बताया

सीएचसी ताड़ीखेत के चिकित्साधिकारी डॉ .डीएस नबियाल का कहना है कि दूषित पानी पीने से ग्रामीण संक्रामक बीमारी की चपेट में हैं। चिकित्सकों की टीम भेजी गई है। प्रभावित गांवों में कैंप लगाकर उपचार किया जा रहा है। लगातार निगरानी की जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है।

 

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