उम्मीदें

सुरकंडा देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं जल्दी करेंगे रोपवे से दर्शन

धनौल्टी का सुरकंडा सिद्धपीठ लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और आसपास ही नहीं दूर दराज से लोग सुरकंडा देवी मंदिर के दर्शन को पहुंचते हैं. रोड से डेढ़ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढने के बाद लोगों को देवी के दर्शन प्राप्त होते हैं. इतना चढ़ने में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है, लेकिन अब सुरकंडा रोप वे (Surkanda Rope-way) के शुरू होने से लोग सिर्फ 5 मिनट में देवी मंदिर पहुंच सकेंगे और दर्शन कर सकेंगे. 2015-16 में पर्यटन विभाग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में 32 करोड़ की लागत से इस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी थी, जिसके बाद इस पर Covid-19 का साया पड़ गया था.

इस रोप वे के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया था, लेकिन कोविड के चलते काम को रोकना पड़ा था. अब रोप वे बनकर तैयार है, जिसकी लोड ट्रायल टेस्टिंग भी हो चुकी है. ब्रिज रोपवे टनल अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन ब्रिडकुल के इंजीनियरों द्वारा भी साइट का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है. अब शासन से परमिशन के बाद सीएम (CM Pushkar Singh Dhami) द्वारा इसके विधिवत उद्घाटन का इंतज़ार किया जा रहा है और उसके बाद श्रद्धालुओं के लिए यह खोला जा सकता है. एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान का कहना है कि यह सेवा जल्द ही शुरू हो सकती है.

रोपवे से कितनी आसानी हो जाएगी?
टेक्निकल एक्सपर्ट एमके बेग के मुताबिक रोड से सुरकंडा देवी मंदिर 525 मीटर पर है और सुरकंडा रोप में 16 कैबिन हैं, जिसके ज़रिये एक घंटे में करीब 500 लोग मंदिर दर्शन के लिए पहुंच सकेंगे. दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का भी कहना है कि रास्ते की हालत खराब होने से बुजुर्ग और बच्चों को परेशानी होती है. फिलहाल रोप वे को शासन की हरी झंडी का इंतज़ार है. उम्मीद है कि रोप वे से अधिक संख्या में श्रद्धालु सुरकंडा शक्तिपीठ के दर्शन को पहुंचेंगे.

गौरतलब है कि सुरकंडा सिद्धपीठ के दर्शन के लिए दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं और कुछ लोग खड़ी चढ़ाई के चलते मंदिर दर्शन को नहीं पहुंच पाते हैं. रोव वे के शुरू होने से जहां बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चों को सहूलियत होगी, वहीं पर्यटन की दृष्टि से भी यहां का डेवलेपमेंट होने की उम्मीद है.

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