देश/प्रदेश

कोरोना की वजह से विकास योजनाओं पर लग सकता है ब्रेक लेकिन सरकारी कर्मचारियों की वेतन और पेंशन समय पर ही मिलेगी

प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं पर कोरोना का असर पड़ सकता है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में चालू योजनाओं पर खर्च होने वाली धनराशि को खर्च करने से पहले वित्त विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले से चल रही योजनाओं पर कोई भी विभाग सीधे ही धनराशि खर्च नहीं कर पाएंगे। नियमों के अनुसार चालू योजनाओं का बजट विभाग को दे दिया जाता था और इस बजट को विभाग योजना पर स्वयं खर्च कर सकते थे। लेकिन इस बार कोरोना संकट की वजह से सरकार ने चालू योजनाओं के खर्च को भी नियंत्रण में रखने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद यह है कि यदि कोरोनो ने राज्य में बड़ी आपदा का रूप लिया तो उससे निपटने के लिए धनराशि की व्यवस्था की जा सके। ऐसे में चालू योजनाओं की मद से कोरोना से बचाव के लिए बजट दिया जा सकता है।राज्य के सरकारी विभागों में इस समय 20 हजार करोड़ से अधिक की विकास योजनाएं चल रही हैं।

वेतन में नहीं आएगा कोई संकट
सरकारी कर्मचारियों की वेतन और पेंशन समय पर ही मिलेगी। सरकार की ओर से बजट खर्च करने के लिए जारी किए गए दिशा निर्देर्शों के अनुसार वेतन और पेंशन का पैसा विभागों के निवर्तन पर रखा गया है। ऐसे में अब कर्मचारियों को वेतन समय पर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वित्त विभाग के अधिकारी पहले कोरोना का असर कर्मचारियों के वेतन पर भी पड़ने की आशंका जता रहे थे। लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हो रहा है। कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

विशेष