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संसद में दिखी दिल्ली चुनाव की सरगर्मी

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ बढ़ रही सियासी तल्खी का असर बुधवार को राज्यसभा में भी देखने को मिला।

भाजपा ने राजनीति में अपराधीकरण का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग से ऐसे दलों की सदस्यता और पार्टी के रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की मांग की। वहीं इसे लेकर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि यहां दिल्ली चुनाव का प्रचार न किया जाए।

राज्यसभा में इसकी शुरूआत वैसे तो सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा सांसद विजय गोयल ने की थी। हालांकि सभापति ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया। साथ ही उनकी बातों को रिकार्ड में नहीं लिया।

लेकिन इसके बाद भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव ने शून्यकाल में इसे उठाया और कहा कि भयमुक्त चुनाव हमारे लोकतंत्र की बुनियाद है, लेकिन पिछले तीन दिनों से दिल्ली के एक राजनीतिक दल की ओर से कुछ आशंकाऐं व्यक्त की जा रही थी।

वह जब यह बात कर रहे थे, तो सभी हतप्रभ थे, क्योंकि दिल्ली का चुनाव एकदम शांतिपूर्ण होता है।

जबकि उनकी इस आशंका के बाद गोली चलाने की घटना होती है। अब जब पुलिस जो कि चुनाव आयोग के अधीन है, की रिपोर्ट आने के बाद उस दल की ओर से पुलिस अधिकारियों को लीगल नोटिस देने की बात की जा रही है। जो कि चुनाव आयोग को सीधे चुनौती देना है।

हालांकि जब वह बोल रहे थे, तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। इसे लेकर दोनों दलों के सांसदों के बीच नोंकझोंक भी हुई।

वहीं प्रश्नकाल में फिर दिल्ली चुनाव की चर्चा हुई, जब एक सवाल के जवाब में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के लिए जहां झुग्गी वहीं मकान की योजना पर काम शुरु कर दिया है। इस पर कांग्रेस सांसदों ने हो-हल्ला किया।

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