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WhatsApp हैकिंग से खाते में सेंध लगा रहे हैं साइबर अपराधी, Hacking से बचने के उपाय

WhatsApp Hacking:साइबर क्राइम (Cyber Crime) की बढ़ती समस्या के बीच अब हैकर्स की नजर आपके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर है. इस तरह के फ्रॉड में साइबर अपराधी आपको आप ही के व्हाट्सएप अकाउंट से लॉगआउट करके उसका पूरा कंट्रोल अपने फोन पर ले लेते हैं और इसके बाद शुरू होता है इन हैकर्स के अपराध का खेल. महाराष्ट्र साइबर एसपी संजय शिंत्रे की माने तो देश भर में WhatsApp Hacking की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है. हैकर की नजर उन लोगों पर बनी रहती है जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते.

ऐसे लगा रहे खाते में सेंध

साइबर अपराधी Truecaller जैसी ऐप्स के जरिये पता लगा लेते हैं कि नंबर व्हाट्सएप पर है या नहीं. फिर सोशल इंजीनियरिंग से बहला फुसला कर लालच देकर उससे व्हाट्सएप ओटीपी लेकर ऐप अपने फोन पर डाउनलोड कर लेते हैं और शुरू होता है क्राइम का खेल. हैकर आपका Whastapp अपने फोन पर डाउनलोड करके लोन के लिये डराने धमकाने से लेकर आपका पर्सनल डाटा या आपके दोस्तों से पैसे उधार मांग कर कोई भी अपराध कर सकता है.

स्मार्टफोन यूजर्स भी बन रहे हैं शिकार

सिर्फ नॉन-स्मार्टफोन यूजर्स ही क्यों- हैकर स्मार्टफोन यूजर्स का व्हाट्सएप या फाइनेंशियल ऐप्स भी चतुराई से बैंक कर रहे हैं. हैकर आपको किसी ऑफर का लालच देकर कोई ऐसा नंबर डायल करने को कहेंगे जो 67 या 405 से शुरू होता है. ये दरअसल टेलीकॉम ऑपरेटर्स के वो सर्विस रिक्योस्ट वाले नंबर होते हैं जिससे कि आपका कॉल फॉरवर्डिंग मोड में चला जाता है. आपका फोन कॉल फॉरवर्डिंग मोड में डालकर हैकर व्हाट्सएप समेत कई ऐप्स का लॉग इन ओटीपी अपने फोन पर लेता है और फिर खाता खाली करने से लेकर पर्सनल डाटा का गलत इस्तेमाल शुरू हो जाता है. WhatsApp hacking के चक्कर में मुंबई की एक यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर समेत कई दिग्गज फंस चुके हैं.

WhatsApp Hacking से बचने के उपाय

साइबर एक्सपर्ट प्रशांत माली की माने तो हैकिंग अटैक से बचने के लिए लालच में आकर कोई ऐसा नंबर डायल न करें जिसकी शुरुआत **67 या *405 या किसी स्पेशल कैरेटर से होती है. सभी ऐप्स पर टू फैक्टर वेरिफिकेशन सिक्योरिटीको चुने और किसी के भी साथ कभी भी अपना पासवर्ड, पिन या  ओटीपी साझा नहीं करें. सतर्क रहे. सावधान रहे.

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