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Nirbhaya के दोषियों की फांसी का काउंटडाउन शुरू

नई दिल्ली : आगामी अगले पांच दिन बाद यानी 16 दिसंबर को देश-दुनिया को हिला देने वाले निर्भया दुष्कर्म और हत्या केस को सात साल पूरे हो जाएंगे। इस बीच सजा पाए चारों दोषियों (विनय शर्मा, अक्षय सिंह ठाकर, पवन और मुकेश) को फांसी देने को लेकर चर्चा गरम है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आगामी 16 दिसंबर को सभी चारों दोषियों को फांसी लगा दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के चारों दोषियों को फांसी की सजा देने की तैयारी जोरों पर हैं, वैसे वर्तमान में इन चारों को मिलाकर कुल 17 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है, जिस पर अमल होने का इंतजार है। यह बात अलग है कि अभी फांसी से पूर्व की कई अदालती व अन्य प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है।

चारों दोषियों को फांसी देने की संभावित तारीख 16 दिसंबर के पक्ष में यह बात भी जा रही है कि मेरठ के रहने वाले यूपी के दूसरे जल्लाद पवन के पास इस बाबत फोन भी आया है। कहा जा रहा है कि जल्लाद पवन के पास चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने को लेकर फोन भी आया है। फोन कहां से आया और किसने किया? इसका खुलासा पवन ने नहीं किया है। वहीं, पवन काफी पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि अगर निर्भया केस में चारों दोषियों को फांसी दे गई होती तो हैदराबाद में दरिंदगी नहीं होती।

वहीं, अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों की फांसी को लेकर जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दूसरी ओर देश में फांसी देने वाले जल्लादों की संख्या पहले से ही कम है तो वहीं उत्तर प्रदेश में वर्तमान में सिर्फ दो जल्लाद इलियास और पवन हैं। इनमें इलियास की तबीयत खराब है तो पवन ने कहा है कि वह तीन दिन पूर्व की सूचना पर फांसी देने की प्रक्रिया पूरी कर देगा।

निर्भया के सभी दोषियों को 16 दिसंबर को फांसी देने को इस बात से भी बल मिल रहा है कि सभी चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में लाया गया है। बता दें कि पहले एक दोषी पवन दिल्ली की मंडोली जेल में रखा गया था, जिसे सोमवार को ही तिहाड़ जेल शिफ्ट दिया गया है। तिहाड़ जेल के महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल के मुताबिक, पवन कुमार गुप्ता को मंडोली जेल से तिहाड़ जेल स्थानांतरित किया गया है।

यहां पर बता दें कि पवन को मंडोली जेल से तिहाड़ जेल लाकर जेल नंबर-2 में रखा गया है। यहां पर अन्य दोषी मुकेश और अक्षय पहले से ही बंद हैं, जबकि चौथा दोषी तिहाड़ जेल की नंबर 4 में बंद है।

16 दिसंबर, 2012 को निर्भया के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में कुल छह आरोपित थे। इनमें से जेल में बंद आरोपित राम सिंह आत्महत्या कर चुका है वहीं, एक आरोपित नाबालिग था, जो बाल सुधार गृह में अपनी तीन साल की सजा पूरी कर चुका है।

निर्भया के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद सभी आरोपितों को लेकर केस फास्ट ट्रैक में चला। वर्ष, 2013 में निचली अदालत ने चारों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके दिल्ली हाई कोर्ट ने भी 13 मार्च, 2014 को फांसी की सजा को बरकरार रखा था। वहीं, 13 मार्च, 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी।

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