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काउंसलिंग से रुकेंगी सुसाइड की घटनाएं

देहरादून: देश में आत्महत्या की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है. नाबालिग भी आत्महत्या करने जैसा कदम उठा रहे हैं. विशेषज्ञ इसका कारण डिप्रेशन और ड्रग्स एब्यूज मान रहे हैं.

बच्चों के डिप्रेशन का मुख्य कारण पबजी, ब्लू व्हेल जैसे वीडियो गेम्स और फिल्में भी हैं. जो लगातार बच्चों को डिप्रेशन की ओर ले जा रही हैं.

बच्चों में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की घटनाओं को रोकने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. हेल्पलाइन पर 24 घंटे और 7 दिन साइकोलॉजिस्ट उपलब्ध रहेंगे.

डॉक्टर सोना कौशल ने बताया कि हर 40 सेकेंड में कहीं न कहीं एक आत्महत्या की घटना होती है. इन घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय यह है कि इसके कारणों को जाना जाए. जिसका मुख्य कारण डिप्रेशन और ड्रग्स एब्यूज हो सकता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति डिप्रेशन में है तो उसका उपचार संभव है. डिप्रेशन में आए व्यक्ति की अगर समय पर काउंसलिंग और ट्रीटमेंट किया जाये तो वह डिप्रेशन से बाहर आ सकता है.

बच्चे ड्रग्स एब्यूज की ओर इसलिए जा रहे हैं क्योंकि वो स्ट्रेस में आ रहे हैं. इसको ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड में पहली बार हेल्पलाइन नंबर 9411028002 की शुरुआत की गई है. हेल्पलाइन पर 24×7 साइकोलॉजिस्ट मौजूद रहेंगे जो ऐसे बच्चों की काउंसलिंग करेंगे.

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