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पच्चीस हज़ार लेकर सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े करवा रहा है कोटद्वार नगर निगम का पार्षद

कोटद्वार. नगर पालिका को नगर निगम में तब्दील हुए एक साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन साल भर बाद भी नगर निगम में ट्रेंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था से लेकर सफाई की व्यवस्था पटरी पर नही आ पाई है. यही नहीं निगम पार्षदों के नए-नए कारनामे नगर निगम को बदनाम करने में लगे हैं. हाल ही में नगर निगम कार्यालय में देर रात सरकारी दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ का मामला सुलझा भी नहीं था कि वार्ड नंबर चार पार्षद का नया कारनामा सामने आया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद ने 25,000 में सरकारी भूमि का सौदा कर दिया और आस-पास के लोगों से पैसा इकट्ठा कर कब्ज़ा करने को कह दिया.

‘कोई कुछ नहीं कहेगा’

बता दें कि ये सरकारी ज़मीन कई सालों से खाली पड़ी थी. बताया जा रहा है कि पार्षद ने सरकारी भूमि के आस-पास रहने वाले लोगों को झांसा देकर 25-25 हज़ार में ज़मीन का सौदा कर दिया. बताया जा रहा है कि पार्षद ने उन्हें भरोसा दिया है कि जब तक चाहें वो जमीन में तार-बाड़ कर अपने इस्तेमाल में ला सकते है, कोई कुछ नहीं पूछेगा.

इसी लालच में पार्षद को एडवांस के रूप में 5 हज़ार रुपये दे चुके जगदीश का कहना है कि उनका घर सरकारी भूमि से सटा हुआ है, पार्षद के कहने पर ही उन्होंने ज़मीन में तारबाड़ की है. उन्होंने यह भी बताया कि पार्षद ने कहा है कि अगर वह उस जगह घर भी बनाना चाहें तो ना सकते हैं, बस पैसा पूरा देना होगा.

इस मामले में निगम कर्मचारियों की मिलीभगत की भी बात सामने आ रही है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में निगम के कर्मचारी भी शामिल है जिनकी शह पर पार्षद सरकारी भूमि कब्ज़ाने के लिए लोगों को उकसा रहे हैं और इसके लिए 25-25 हज़ार रुपए वसूल रहे हैं.

इस मामले की शिकायत नगर आयुक्त योगेश मेहरा के पास भी पहुंच गई है जिसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. नगर आयुक्त योगेश मेहरा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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