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केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों पर कांग्रेस का विरोध

पौड़ी: कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया गया. कमेटी ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने नागरिक संशोधन बिल कैबिनेट में पास कर संसद में पेश किया, वह साफ तौर से धर्म का आधार दर्शाता है.

साथ ही यह भी कहा कि संविधान किसी भी धर्म के आधार पर नियम व कानून बनाने की अनुमति नहीं देता है. कहीं न कहीं संविधान के विपरीत जाकर इसको पेश करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही सरकार होने के बाद भी सरकारी फैसले लेने में नाकामयाब साबित हो रही है.

उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से चुनाव के दौरान अपने एजेंटों को कहा गया था कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए गए वादे धरातल पर उतारें, लेकिन सरकार के वादे कहीं नहीं नजर आ रहे.

साथ ही उन्नाव में पिछले एक साल में 80 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो कि बहुत ही शर्मनाक हैं. सरकार को इसके लिए कड़े फैसले लेने होंगे.

कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता सरिता नेगी ने बताया कि देश की बेटियां सुरक्षित नहीं है. सरकार का चुनाव के दौरान मुख्य एजेंडा देश की बेटियों को पढ़ाना, आगे बढ़ाना और उनकी सुरक्षा करना था,

लेकिन बेटियों की वर्तमान दशा कुछ और ही बयां कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार देश में रोजगार देने में विफल हो रही है. इन सभी नीतियों के खिलाफ आगामी 14 दिसंबर को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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