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श्रमिकों और मजदूरों की मशीनें कार मालिकों को बांटकर हो रहा है घोटाला

देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में शिविर लगाकर पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग की ओर से साइकिल, टूलकिट और सिलाई मशीनें बांटी जा रही हैं. विभाग की ओर से श्रमिकों के नाम पर बांटे जा रहे सामानों को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना (Suryakant Dhasmana) ने कहा कि जिन लोगों के पास लाखों रुपए की गाड़ी है, जिसकी छत पर रखकर वे साइकिल ले जा रहे हैं तो क्या ऐसे लोग श्रमिक है? कांग्रेस ने मामले की जांच किए जाने की मांग करते हुए सड़क से लेकर विधानसभा तक इस घोटाले पर आवाज उठाने का दावा किया है. कांग्रेस ने इसे त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) सरकार का एक बड़ा घोटाला करार देते हुए मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग उठाई है.

फर्जी तरीके से श्रम कार्ड बनाने का लगाया आरोप
कोटद्वार पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का दावा है कि सरकार श्रम विभाग में कई करोड़ रुपए का घोटाला कर चुकी है, धस्माना का आरोप है कि श्रम विभाग ने उन लोगों के भी फर्जी तरीके से श्रम कार्ड बना डाले हैं, जो श्रमिक नहीं हैं. कांग्रेस उपाध्यक्ष का आरोप है कि सरकार ने इसमें कई करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम दिया है.

श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका अहम

कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि, मामले में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका भी काफी अहम है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले कोटद्वार में 21 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड श्रमिक मौजूद हैं, जबकि धरातल पर काम करने वाले श्रमिकों की संख्या बेहद कम है. कांग्रेस ने कहा कि श्रम विभाग में रजिस्टर्ड 70 फीसदी श्रमिक फर्जी तरीके से शामिल किए गए हैं, जिनके नाम पर सरकार करोड़ों रुपए के वारे-न्यारे कर रही है.

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