नेतागिरी

कर्नल कोठियाल पर बच्चों से पोस्टर चिपकाने का आरोप, बाल आयोग ने मांगी रिपोर्ट

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) के खिलाफ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है. आयोग के अनुसार आरोप है कि कर्नल कोठियाल द्वारा अपने राजनीतिक कामकाज में नाबालिगों का श्रमिक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.आयोग ने अपने आदेश पत्र में डीजीपी उत्तराखंड को लिखा है कि, उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं जिसमें कर्नल कोठियाल अपने पार्टी के पोस्टर चिपकाने से लेकर अन्य तरह के राजनीतिक कार्यों में बाल श्रमिक के रूप में नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

जबकि 2005 सीआरपीसी अधिनियम के अंतर्गत राजनीतिक अभियानों के लिए बच्चों का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है. आयोग के मुताबिक प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राजनीतिक अभियानों में नाबालिग बच्चों का उपयोग किया जा रहा है. ऐसे में किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल श्रम अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत कानूनी कार्रवाई बनती है. आयोग ने उत्तराखंड डीजीपी से इस मामले में 7 दिनों के दरम्यान कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. आयोग के आदेश के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

प्रदेश के सभी जनपदों से जांच कर आख्या रिपोर्ट तलब की है: डीजीपी
उधर इस मामले में ईटीवी भारत से जानकारी साझा करते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि उन्हें NCPCR का पत्र प्राप्त हो चुका है. आयोग के पत्र अनुसार पूरे राज्य के 13 जनपद पुलिस प्रभारियों से इस मामले पर जांच पड़ताल कर आख्या रिपोर्ट तलब की गई है. ताकि वास्तविक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

वीडियो के माध्यम से एनसीपीसीआर को शिकायत
इस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा एक वीडियो NCPCR (National Commission for Protection of Child Rights) को साझा करते हुए बताया गया है कि कैसे उत्तराखंड के नाबालिग बच्चों से रात के समय पार्टी के गांव गांव में पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं.

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