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मध्याह्न भोजन योजना पर मुख्य सचिव ने ली समीक्षा बैठक

देहरादून: मध्याह्न भोजन योजना की राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की 16वीं बैठक मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में हुई. जिसमें खास तौर से वित्तीय वर्ष 2020-2021 की के लिए 18239.72 लाख रुपए की वार्षिक कार्य योजना विचार विमर्श के बाद मुख्य सचिव द्वारा अनुमोदित की गई. भारत सरकार को प्रेषित की जाने वाली 2020-21 की इस वार्षिक कार्ययोजना में 11361.24 लाख रुपए का केन्द्रांश और 6878.49 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है. इस वार्षिक कार्य योजना में कुकिंग एसिस्टेंस, खाद्यान का यातायात, भोजन माताओं का मानदेय, खाद्यान की लागत, मिड डे मील से जुड़े स्टॉफ का वेतन और किचन डिवाइस शामिल है.

इस बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने मिड डे मील में पंजीकृत लाभार्थियों तथा औसत लाभान्वित छात्रों के अंतर को समान करने के निर्देश दिए. साथ ही भोजन की गुणवत्ता की भी समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. इस अंतर को समान करने के लिए एमडीएम में वास्तविक रूप से उपस्थित होने वाले बच्चों के अभिभावकों के साथ अनुपस्थित लाभार्थियों के अभिभावकों के साथ मुलाकात कराने की आवश्यकता पर बल दिया. तो वहीं, पंजीकृत लाभार्थियों को योजना में शत प्रतिशत शामिल कराने के लिए ठोस कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए.

बता दें, साल 2019-20 में 17045 प्राइमरी और अपर प्राइमरी विद्यालयों में संचालित मिड डे मील योजना में 6 लाख 89 हजार छात्र नामांकित थे, जिनमें से बच्चों की औसत उपस्थित 5 लाख 95 हजार पाई गई. गुरुवार की बैठक में अवगत कराया गया कि वर्तमान में मिड डे मील में स्वीकृत 301 प्राइमरी/अपर प्राइमरी विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य और अन्य पास के विद्यालयों में विलीनीकरण के कारण इन विद्यालयों में यह योजना संचालित नहीं है.

मुख्य सचिव उत्पल कुमार द्वारा मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर योजना का कार्य देख रहे कार्मिकों के प्रोत्साहन राशि में 500 रुपये प्रति कार्मिक की वृद्धि स्वीकृत की गई. अब योजना में कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता के रूप में एक हजार रुपये प्रति कार्मिक दिया जाएगा. इसके अलावा बैठक में अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रतिनिधि कर रहे भरत प्रभू दास ने मिड डे मील योजना के तहत संचालित किये जाने वाले केन्द्रीय किचन के निर्माण की जानकारी दी. साथ ही अक्षय पात्र फाउण्डेशन द्वारा देहरादून के सुद्धोवाला, काशीपुर, सितारगंज और गदरपुर में निर्माणाधीन केंद्रीय किचन की प्रगति की जानकारी दी गई.

शिक्षा सचिव ने बैठक में बताया कि प्रदेश के 5519 स्कूलों में हंस फाउंडेशन द्वारा गैस कनेक्शन और 5519 स्कूलों में गैस चूला सहित गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गये. यही नहीं, हंस फाउंडेशन ने दो लाख थालियां भी स्कूलों में उपलब्ध कराई. राज्य सरकार द्वारा फ्लैक्सी फंड से उत्तराखंड सहाकरी डेयरी फेडरेशन के माध्यम से एमडीएम में आच्छादित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को सप्ताह में एक बार फोर्टिफाइड मीठा सुगन्धित दुग्ध दिया जायेगा. मुख्य सचिव ने विशेष भोज योजना में स्वयं भी भोजन करने के लिए शीघ्र तिथि तय करने के निर्देश दिए.

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