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चमोली में है 40 हजार बेरोजगारों की फौज

गोपेश्वर: तकरीबन चार लाख जनसंख्या वाले चमोली जिले में 40 हजार बेरोजगारों की फौज खड़ी है। सेवायोजन विभाग के रेकार्ड बताते हैं कि आज भी युवा सरकारी नौकरी की चाह को लेकर कितने आतुर हैं।

साफ है कि चमोली जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली तमाम योजनाएं भी इन युवाओं से सरकारी नौकरी का मोह नहीं छुड़ा पा रही है।

2011 की जनगणना के अनुसार चमोली जिले की जनसंख्या 391605 है। इसमें से 40369 युवाओं का सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण है, जिनमें 24867 पुरुष तो 15502 महिलाएं शामिल हैं।

दरअसल, सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए सेवायोजन विभाग का पंजीकरण महत्वपूर्ण होता है। अधिकतर सरकारी नौकरियों में बिना सेवायोजन पंजीकरण के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सकता है। सरकारी नौकरी के लिए 40 हजार युवाओं की लंबी लाइन आश्चर्यजनक है।

बेरोजगारी को दूर करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उद्यान विभाग, मत्स्य पालन, कृषि व पशुपालन के अलावा कई ऐसे विभाग हैं, जिनके जरिये पहाड़ में स्वरोजगार प्राप्त किया जा सकता है।

बावजूद इसके स्वरोजगार के बजाय युवाओं का ध्यान सिर्फ सरकारी नौकरी पर ही जा रहा है। साफ है कि जिले में स्वरोजगार योजनाओं के प्रति युवाओं का झुकाव कम है।

सेवायोजन विभाग के पंजीकृत घाट के निवासी युवा नवीन सिंह का कहना है कि स्वरोजगार के लिए सरकार की ओर से योजनाएं चलाई जा रही हैैं, मगर हमारी पहली च्वाइस सरकारी नौकरी है।

उनका कहना है कि सरकारी नौकरी न मिलने के बाद स्वरोजगार अपनाया जा सकता है। प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी मुकेश प्रसाद रयाल ने बताया कि विभाग में तकरीबन 40 हजार युवाओं का पंजीकरण है।

समय-समय पर युवाओं की काउंसिलिग की जाती है। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को कंपनियों में रोजगार का अवसर भी दिया जाता है।

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