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हेली सेवा के नाम पर 48 हजार से ज्यादा की ठगी मामले में मुक़दमा हुआ दर्ज

देहरादून : Kedarnath Yatra : केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में देहरादून के एक टैक्सी चालक को ठग ने 48 हजार रुपये की चपत लगा दी। टैक्सी चालक ने कोलकाता (बंगाल) निवासी अपने परिचित के लिए किसी वेबसाइट से फाटा से केदारनाथ तक के लिए हेली सेवा के छह टिकट बुक करवाए थे।

आरोपित ने टैक्सी चालक को फर्जी टिकट दिए। इसकी जानकारी टैक्सी चालक को तब हुई, जब परिचित ने बताया कि टिकट में क्यूआर कोड नहीं है। इस मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता देहरादून निवासी मुकुल कोरी ने बताया कि हेली टिकटों की बुकिंग के लिए उसने परिचित मनोज रावत से संपर्क किया।

मनोज ने मुकुल से 48 हजार रुपये लिए और फाटा से केदारनाथ जाने के लिए छह व्यक्तियों का टिकट आनलाइन बुक करा दिया। टिकट बुक करने के लिए मनोज ने जिस वेबसाइट पर संपर्क किया, वहां उसकी बात यासीन नाम के व्यक्ति से हुई।

वेबसाइट से प्राप्त टिकटों की प्रति 20 मई को मुकुल ने वाट्सएप के माध्यम से अपने परिचित को कोलकाता भेज दी। इसके बाद 28 मई को परिचित ने मुकुल को बताया कि टिकट फर्जी हैं, क्योंकि उन पर क्यूआर कोड नहीं है। इस बारे में जानकारी लेने के लिए उन्होंने यासीन को फोन किया तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला।

दो मई से अब तक 14 मुकदमे

चारधाम व हेमकुंड यात्रा के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में छेड़छाड़ के साथ हेली सेवा के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में दो मई से अब तक कुल 14 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें टिहरी, चमोली व रुद्रप्रयाग में तीन-तीन और देहरादून में पांच मुकदमे दर्ज हैं।

डीजीपी ने केदारनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने केदारनाथ धाम, सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड में यात्रा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेकर विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों से भी भेंटकर उनकी समस्याएं सुनी। साथ ही यात्रा मार्ग पर बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।

डीजीपी अशोक कुमार सोमवार सुबह केदारनाथ धाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दर्शन के लिए कतार में लगे श्रद्धालुओं से बातचीत की। साथ ही मंदिर के बाहर एवं अंदर की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए पुलिस प्रबंधन की भी जानकारी ली। डीजीपी ने स्थानीय पंडा समाज के प्रतिनिधियों एवं पुरोहितों से वार्ता की। इसके बाद डीजीपी अशोक कुमार धाम में तैनात पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ जवानों से मिलने पहुंचे।

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