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नैनीताल में नवजात को नाले में फेंकने के मामले में अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज

नैनीताल: शहर के मल्लीताल सात नंबर क्षेत्र के नाले में नवजात बच्ची को फेंकने वाले का पता लगाने के लिए जिला एवं पुलिस वप्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है।

मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने इलाके का मौका मुआयना कर घटनास्थल से आसपास के लोगों से पूछताछ की।  जांच में सामने आये तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा।

नाले में मिली थी नवजात

उल्लेखनीय है सात नंबर क्षेत्र के हनुमान मंदिर के समीप नाले में गुरुवार को राहगीरों को नवजात बच्ची मिली थी। नवजात को तत्काल बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया। करीब चार घंटे उपचार के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन संचालक संस्था विमर्श के संरक्षण में नवजात को सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जहां बच्ची को उपचार दिया जा रहा है। इधर शुक्रवार को मल्लीताल कोतवाली से एसआइ दीपक बिष्टï, एएसआइ सत्येंद्र गंगोला ने अन्य पुलिस कर्मियों के साथ क्षेत्र का मौका मुआयना किया।

 

एसआइ पुष्पा बिष्ट को सौंपी गई जांच

एसआइ दीपक बिष्ट की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आइपीसी की धारा 315, 307 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की विवेचना एसआइ पुष्पा बिष्ट को सौंपी गई है।

पुलिस का दावा है कि जल्द मामले से पर्दा हटा दिया जाएगा। पूछताछ में अहम सुराग हाथ लगे हैं। यहां बता दें कि डीएम सविन बंसल ने बच्ची को नाले मेे फेंकने वाले की सूचना देने वाले को दस हजार ईनाम देने की घोषणा की है।

क्षेत्रवासियों की जुबां पर रहा मामला

नवजात बच्ची को नाले में फेंकने कृत्य करने वाली कलियुगी मां व इसमें शामिल अन्य लोगों की चर्चा शहरवासियों की जुबां पर है। लोग घटना के बहाने उन्हें खूब कोस भी रहे हैं। चर्चा है कि एक किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया और लोकलाज के डर से उसे नाले मे फेंक दिया।

बच्ची की हालत में सुधार

भीषण ठंड के बीच नाले में पड़े होने के कारण नवजात को हाइपोथर्मिया की शिकायत हो गई थी। जिस कारण सांस लेने में मुश्किल हो रही थी।

जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन ने बताया कि बच्ची को फिलहाल आइसीयू में रखा गया है। पहले से हालत में सुधार है लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक अभी भी खतरा बना हुआ है।

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