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उत्‍तराखंड में ऋण प्रबंधन सॉफ्टवेयर को कैबिनेट ने दी मंजूरी

देहरादून,प्रदेश में ऋण रिकार्ड प्रबंधन व वित्तीय अनुशासन के लिए नए कॉमनवेल्थ मेरेडियन सॉफ्टवेयर फॉर डेट रिकार्डिंग एंड मैनेजमेंट को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इस सॉफ्टवेयर पर अमल करने के निर्देश दिए।

सचिवालय में गुरुवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में उत्तराखंड पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट (यूकेपीएफएम) स्ट्रैंथनिंग प्रोजेक्ट की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में विश्वबैंक पोषित सबप्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई।

बैठक में वित्त सचिव अमित नेगी ने चतुर्थ स्टीयङ्क्षरग कमेटी में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में की गई कार्यवाही की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के लिए अर्थशास्त्री, प्रोक्योरमेंट स्पेशलिस्ट, संविदा प्रबंधन विशेषज्ञ, सिस्टम प्रशासन के पदों को विज्ञापित किया गया।

उक्त पदों के लिए साक्षात्कार हो चुका है। 15 दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थी कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। साथ ही विभिन्न परामर्श के लिए विभागीय टेक्निकल रिव्यू कमेटियों का गठन किया गया है।

अन्य निर्णय में बताया गया कि ऋण एवं प्रबंधन के प्रस्तावों के परीक्षण के लिए सेल गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने विभागों के परामर्श एवं सुदृढ़ीकरण एवं बेहतर राजस्व प्रबंधन के लिए वित्त विभाग के 180 लाख लागत के एसबीडी कार्यों को स्वीकृति दी गई। इससे प्रदेश में पहली बार स्टैंडड्र बिडिंग डॉक्यूमेंट बनाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अधिप्राप्ति प्रक्रिया सरल और सुगम हो जाएगी।

अन्य फैसले में सुद्धोवाला ट्रेनिंग सेंटर का अन्य ख्यातिप्राप्त संस्थानों, एनआइएफएम, एनआइपीएफपी आदि से अत्याधुनिक प्रशिक्षण के लिए तीन करोड़ के कंसल्टेंसी को भी मंजूरी दी गई।

गढ़वाल मंडल विकास निगम के एक करोड़ 10 लाख के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापना को मंजूरी दी गई। इसमें वित्त विशेषज्ञ, आर्किटेक्ट, होटल प्रबंधन विशेषज्ञ रहेंगे जो लाभदायक पर्यटन अवस्थापना प्रोजेक्ट, राजस्व वृद्धि, संसाधनों के बेहतर उपयोग, आय बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं आदि कराएंगे।

ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए पांच करोड़ लागत से कंसल्टेंसी कार्यों को स्वीकृति दी गई। बैठक में ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव विनोद सुमन, पंकज तिवारी, एलएन पंत, वित्त नियंत्रक मनमोहन मैनाली व विक्रम जंतवाल मौजूद थे।

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