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BYJU’s ने आकाश इंस्टिट्यूट से 300 करोड़ रुपये का कर्ज उठाया

एजुकेशन सेक्टर की कंपनी बायजूस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल एक तरफ कंपनी ऑपरेशंस के लिए अपनी सब्सिडियरी से ही कर्ज उठा रही है. तो दूसरी तरफ केरल सरकार के मंत्री ने कंपनी की नीतियों पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं. तेज विस्तार की कोशिश में कंपनी ने आक्रामक रणनीति बनाई थी. हालांकि अब कंपनी कर्मचारियों की छंटनी और ऑफिस बंद करने जैसे कदम उठा रही है जिसका विरोध शुरू हो गया है. कंपनी के अंदर ही कर्मचारी वेतन को लेकर सख्त रुख अपनाते दिख रहे हैं.

जानिए क्या है ताजे झटके

बायजूस फिलहाल ऑपरेशंस चलाने के लिए संघर्ष कर रही है. कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी आकाश एजुकेशनल सर्विसेज से 300 करोड़ रुपये का कर्ज उठाया है, आकाश के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बायजूस ने ये रकम कंपनी के कारोबार को चलाने के लिए ली है. बायजूस ने पिछले साल ही आकाश को 1 अरब डॉलर में खरीदा था. इससे साफ है कि कंपनी को अपने ऑपरेशन चलाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी इसके लिए लागत में कटौती भी कर रही है और छंटनी कर रही है लेकिन अब इन कदमों का विरोध शुरू हो गया है और केरल की सरकार ने इस पर सवाल उठाए हैं.

ऑफिस बंद करने की खबरों पर घिरी कंपनी

वहीं दूसरी ओर कंपनी की लागत घटाने के लिए ऑफिस बंद करने की रणनीति उलटी पड़ती दिख रही है. केरल सरकार के एक मंत्री ने इस मुद्दे को हवा दे दी है.मंत्री ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रदेश में ऑफिस बंद कर रही है और कर्मचारियों पर इस्तीफा देने का दबाव बना रही है. मंत्री ने फेसबुक के जरिए लिखा कि उनसे कई कर्मचारियों ने मुलाकात की और इस बारे में बताया. वहीं कंपनी के सूत्रों ने बताया कि केरल में कोच्चि ऑफिस को छोड़कर बाकी सभी ऑफिस बंद किए जा चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक कंपनी और छंटनी की योजना बना रही है.

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक कंपनी ने काम करने के लिए स्थितियां मुश्किल कर दी हैं जिसमें सेल्स टीम के टार्गेट हासिल करने का समय 14 हफ्ते से घटाकर 8 हफ्ते कर दिया गया है. वहीं हफ्ते में अब दो कि जगह एक छुट्टी ही मिल रही है. ऐसी स्थितियों से कर्मचारियों का गुस्सा भी बढ़ रहा है और वो अपनी मांगे लेकर सामने आ रहे हैं.

2020-21 में 17 गुना बढ़ा घाटा

एक साल की देरी के बाद बायजूस का ऑडिट रिपोर्ट इस साल सितंबर में पेश हुई है.रिपोर्ट बताती है कि इस कंपनी के घाटे में 17 गुना तक वृद्धि हुई है और यह घाटा 4500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. उससे पहले वाले साल में यह घाटा 262 करोड़ रुपये का था. यह घाटा 2428 करोड़ रुपये की कमाई पर देखा गया.

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