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हिमालय उद्यम विकास के व्यवसायिक संवर्धन पर ‘बिजनिश उत्तरायणी 2019 फरीदाबाद मीट’ सम्पन्न

हिमालय उद्यम विकास के व्यवसायिक संवर्धन पर ‘बिजनिश उत्तरायणी 2019 फरीदाबाद मीट’ सम्पन्न
सी एम पपनैं
फरीदाबाद (हरियाणा)  उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रो मे व्यवसायिक जागृति, स्वरोजगार से संसाधनों के संवर्धन एवम पलायन के विरुद्ध एक सशक्त अभियान के अंतर्गत ‘बिजनिस उत्तरायणी’ द्वारा 30 नवंबर की सांय फरीदाबाद के इरोस गार्डन स्थित काउंटरी क्लब मे हिमालयन रिसोर्स इन्हैंशमैन्ट सोसाइटी फरीदाबाद, एसकेएबी सोसाइटी दिल्ली, रुद्राक्ष फाउंडेशन फरीदाबाद, पर्वतीय लोक विकास समिति तथा इम्पीरियल सर्विस डैवलपमैंट सोसाइटी दिल्ली के सहयोग से ‘बिजनेस उत्तरायणी-2019 फरीदाबाद मीट’ नाम से आयोजित बैठक उत्तराखंड के उघमिता विकास से जुडे अनेकों ज्वलंत मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा के साथ सम्पन्न हुई।
उत्तराखंड की प्रबुद्ध प्रवासी संस्थाओ के सहयोग से हिमालयी उद्यम के संवर्धन व उत्थान हेतु आयोजको द्वारा पहली बैठक का आयोजन 18 फरवरी 2019 को विश्व युवक केंद्र चाणक्यपुरी, नई दिल्ली मे ‘हिमालयन हाइट्स विजनेश उत्तरायणी 2019’ नाम से आयोजित की गई थी। दूसरी बैठक 12 अक्टूबर बंगलुरु मे। उक्त आयोजित बैठके उत्तराखंड के प्रवासी युवाओ व उघमियो के लिए अभूतपूर्व, उत्साहवर्धक व प्रेरणादायी साबित हुई थी। फरीदाबाद मे आयोजित यह तीसरी बैठक थी, जिसमे उत्तराखंडी मूल के प्रबुद्ध व्यवसायियों व प्रबुद्ध प्रवासी जनो की बड़ी भागीदारी रही।
गणमान्य अतिथियों मे आस्कर हेतु नामांकित फिल्म ‘मोतीबाग’ के प्रतिष्ठित जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री विद्या दत्त शर्मा, यूएन जीसीएनआई के इग्जूकिटिव डायरेक्टर कमल सिंह बिष्ट, पौड़ी के प्रसिद्ध व्यवसायी एवम समाजसेवी सुंदर सिंह चौहान, ओएनजीसी जीएम डी एस भंडारी, डॉ रजनी खंतवाल पंत, राज्यसभा सचिवालय एडिशनल डायरेक्टर मीना कंडवाल तथा समाज सेविका कुसुम कंडवाल भट्ट इत्यादि के कर कमलों दीप प्रज्वलन की रश्म अदायगी के बाद हिमालय के उद्यमिता विकास एवम जागरूक प्रयासों को समर्पित, संपादक नीरज बवाड़ी द्वारा प्रकाशित पत्रिका ‘द हिमालयन हाइट्स’ के प्रथम अंक का लोकार्पण प्रबुद्ध अतिथियो द्वारा किया गया।
फरीदाबाद के वरिष्ठ समाजसेवी गणेश चंद्र जोशी द्वारा सभी प्रबुद्ध उघमियों व गणमान्य अतिथियो का  स्वागत तथा बिजनिस उत्तरायणी के संस्थापक नीरज बवाड़ी द्वारा आयोजित कार्यक्रम के लक्ष्यों तथा विगत महीनों मे नई दिल्ली व बंगलुरु मे सम्पन्न हुई बैठकों के क्रियाकलापों से प्रबुद्ध जनो को अवगत कराया गया।
उत्तराखंड की जानी-मानी प्रवासी विभूतियो के साथ-साथ अन्य अनेकों स्थानीय प्रबुद्ध उत्साही व्यवसायियों की आयोजित बैठक मे भागीदारी देखी गई।
आयोजित बैठक को संबोधित करने वाले प्रबुद्ध जनो मे युवा इंटीरियर डिजाइनर परिधि भंडारी, युवा उद्यमी इन्फिनिटी मॉड्यूल्स के एमडी डी एस मेहता,  मनोविज्ञान एवम् आयुर्वेद की विशेषज्ञ डॉ रजनी खंतवाल पंत, पौड़ी गढ़वाल सतपुली व्यवसायी सुंदर सिंह चौहान, राज्यसभा सचिवालय एडिशनल डायरैक्टर मीना कंडवाल, गिरीश चंद्र कबडवाल, शॉपिंग स्ट्रीट के को फाउंडर सीए कुंदन सिंह बिष्ट, सर्च माई चाइल्ड मुहिम के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्तर पर गुमशुदा बच्चों के लिए काम कर रही कुसुम कंडवाल भट्ट, फरीदाबाद डिभाइन स्कूल संस्थापक अध्यक्ष एस एस गुसाई, डीपीएमआई चेयरमैन विनोद बछेती, अणुव्रत संस्थान के वरिष्ठ कार्यवाहक एवम् प्रसिद्ध योग प्रशिक्षक रमेश कांडपाल, दून भारती स्कूल निर्देशक मनोज डंगवाल, पोखरम इंस्टीट्यूट रानीखेत के निर्देशक त्रिभुवन सिंह बिष्ट मुख्य वक्ता थे।
उत्तराखंड, सुदूर पर्वतीय अंचल के गांव मोतीबाग से आए विशिष्ट अतिथि विद्या दत्त शर्मा जिन पर निर्मित लघु फिल्म ‘मोतीबाग’ आस्कर सम्मान हेतु नामांकित सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्म है, ने अपने संबोधन मे जैविक खेती से अपने जुड़ाव की व्यापक जानकारी दी। जैविक खेती के महत्व व उसकी जरुरत पर बृहद तौर पर प्रकाश डाला।
यूएनजीसीएनआई के इग्ज्यूकिटिव डायरेक्टर कमल सिंह बिष्ट ने कुमांऊनी बोली मे संबोधन कर, वैश्विक स्तर पर हो रहे युवा उद्यमियों के प्रयासों पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाए जा रहे सस्टैनेबल डैभलपमैंट गोल्स के तहत सम्पूर्ण उत्तराखंड में उद्यमिता विकास के लिए की जा रही महत्वपूर्ण व उपयोगी जानकारी से अवगत कराया।
उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला की विशेषताओं, जैविक कृषि एवं फलोत्पादन के क्षेत्र में अनंत संभावनाओंं, मॉड्यूलर फर्नीचर, बिजनिस नेटवर्किंग, महिलाओं की उद्यमिता विकास के क्षेत्र में विशेष भूमिका तथा भविष्य की अनंत संभावनाओं में महिलाओं की सहभागिता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार की व्यापक जानकारी, होटल मैनेजमैन्ट एवम् चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े उघमिता विकास की संभावनाओ पर वक्ताओ द्वारा उनके अपने स्वयं के द्वारा किए जा रहे कार्यो, अनुभवो तथा उन्हे स्वयं को मिल रही सफलताओ के बावजूद अवगत कराया गया।
वक्ताओ ने प्रबुद्ध व्यवसायियो का आह्वान कर व्यक्त किया, आप सब आगे बढ़ें और उत्तराखंड में यथा संभव व्यवसायिक उद्यम स्थापित करने का प्रयास करें। पलायन के विरुद्ध सरकार के उदासीन रवैए के चलते स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास ही भविष्य में पहाड़ों की एकमात्र संभावना है, जिसे सम्पन्न प्रवासी बन्धु यदि अपना लें तो निश्चित तौर पर उत्तराखंड विकास की दौड़ में अग्रसर हो जायेगा। छोटे-छोटे लघु उद्योगों से भी उत्तराखंड के स्वरूप को बदला जा सकेगा।
उघमी वक्ताओ द्वारा ‘मानीला काफी’ नाम से नोएडा में फूड चेन में पदार्पण करने तथा भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिग  के बल पहाड़ों में उद्यम शुरू करने की अपनी तैयारियों से अवगत कराया गया। उघमी वक्ताओ द्वारा बिजनिस उत्तरायणी के सानिध्य मे पहाड़ों में युवा उघमियो द्वारा किए जा रहे कार्यों में बढ़-चढ़ कर पूर्ण सहयोग देने के वायदे की बात कही गई।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उघमी वक्ताओ द्वारा व्यवसाय में पहाड़ के संसाधनों को बिना क्षति पहुचाए, दोहन कर, किस प्रकार सार्थक उपयोग किया जा सकता है, अवगत कराया गया। उघम विकास की अनंत संभावनाओ पर प्रकाश डालते हुए, उससे जुड़े विभिन्न आयामों से उत्तराखंड के समुचित विकास की ओर सबका ध्यान केंद्रित किया।उत्तराखंडियों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट हो व्यवसायिक सहभागिता पर काम करने का आह्वाहन उघमी वक्ताओ द्वारा किया गया।
राष्ट्रीय एवम् अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की प्रतिभाओं के शानदार प्रदर्शन एवम् समर्पण को साक्षी मान सभी युवाओं का आह्वान किया गया, सब एकजुट हो नए प्रयास करें तथा अपने पैतृक क्षेत्रों में भी कार्य अवश्य करें। युवा प्रयासों से भारत एवम् उत्तराखंड में नई ऊर्जा से भरपूर संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।
हिमालयी उद्यम विकास के संवर्धन व उत्थान पर निरंतर 2007-2008 से कार्यरत सोसाइटी हिमालयन क्षेत्रो मे पलायन रोकने के लिए एक अलग प्रकार की मुहिम, जिसमे राष्ट्रीय सहभागिता का सामूहिक प्रयास मुख्य लक्ष्य है। साथ ही व्यवसायिक सरोकारो के विकास हेतु मिलकर काम करने की सोच पर कार्यरत है, प्रबुद्ध वक्ताओ द्वारा संस्था की कार्ययोजना को सराहा गया।
प्रबुद्ध वक्ताओ ने व्यक्त किया, सोसाइटी से जुड़े प्रबुद्ध उत्तराखंडियों मे विख्यात विदेशी कम्पनियो तथा भारत सरकार मे उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों के साथ-साथ समाज से जुड़े सु-विख्यात समाजसेवी, ख्यातिप्राप्त साहित्यकारो तथा पत्रकारो के जुड़ने से सोसाइटी के महत्व, स्तर व कार्यरूप को पहचाना जा सकता है।
उत्तराखंड से निरंतर बढ़ते पलायन से खाली होते गांवो व जटिल पहाडी खेती-किसानी से लोगों के अलगाव को विराम देने के उद्देश्य से सोसाइटी जहां उनसे जुड़े प्रबुद्ध समाजसेवियों के बल देश-विदेश के निवेशकों को लुभाने की कोशिश कर रही है, वक्ताओ द्वारा इस प्रयास को सराहा गया। बेंगलुरु मे आयोजित बैठक से सोसाइटी को बिजनेश नेटवर्क बनाने मे जो आशानुकूल बल मिला, उसकी भी वक्ताओ द्वारा सरहना की गई।
वक्ताओ ने व्यक्त किया, सोसाइटी के उद्देश्यनुसार वे सब मिलजुल कर आगामी मानिला बैठक मे प्रबुद्ध स्थानीय ग्रामीणों व उघमियों को आपस मे जोड़, भविष्य की योजना बना, औद्योगिक अवसर मिलने पर उत्तराखंड का ओद्योगिक विकास मिलजुल कर सके, इस उद्देश्य पर कटिबद्ध रहेंगे।
वक्ताओ द्वारा सोसाइटी की मुहिम, ‘कुछ लोग साथ जुड़ कर उत्तराखंड मे निवेश कर, संयुक्त उपक्रम स्थापित कर, नए आयाम स्थापित करे’, इस उद्देश्य को सराहा गया। उपस्थित प्रबुद्ध जनो द्वारा सारगर्भित चर्चा  कर, संभावनाओ को तलाश, उद्देश्य को धरातल पर उतारने की मुहिम को प्रतिबद्धता के तहत स्वीकार किया गया।
प्रबुद्ध वक्ताओ ने राय व्यक्त कर कहा, बेंगलुरु की ही तरह देश के अन्य उत्तराखंडी प्रवासी बहुल कस्बो व शहरो मे कार्यक्रम आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड के प्रवासी उघमियों को प्रेरित कर हिमालय के व्यवसायिक सरोकारो, स्वरोजगार व उघमिता विकास हेतु योजना बद्ध तरीके से कार्ययोजना पर सारगर्भित चर्चा कर, योजना बना, उत्तराखंड के समुचित उत्थान, संवर्धन की नींव रखने हेतु सभी प्रवासी उद्यमियों को जागृत करना नितान्त आवश्यक है, उत्तराखंड से निरंतर बढ़ते जा रहे पलायन पर अंकुश लगाने हेतु।
उत्तराखंड मे उत्पादित कृषि उत्पादों व स्थानीय अन्य उघमो मे युवाओं की रूचि बढाने। पलायन की रफ्तार पर लगाम लगाने। प्रवास मे निवासरत उत्तराखंड के प्रवासियों को उनके मूल गांवो की ओर वापसी की राह दिखाने। उत्तराखंड के जनसरोकारों के उत्थान व संवर्धन हेतु निरंतर कार्य कर, सोसाइटी के उद्देश्यो को मिलजुल कर सफल बनाने हेतु सभी वक्ताओ ने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
आयोजकों द्वारा सभी वक्ताओं व भागीदारों को सम्मान व प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड के जनसरोकारों से जुडी महत्वपूर्ण बैठक का संयोजन एवम संचालन नीरज बवाड़ी द्वारा तारा बवाड़ी, भुवन हराड़ी, अरविंद शर्मा, शेखर मैठाणी एवम जितेंद्र कुमार के सानिध्य मे किया गया।
बिजनिस उत्तरायणी आयोजको की सूचनानुसार चौथी बैठक आगामी 24-25 दिसंबर 2019 को मानिला (अल्मोड़ा) उत्तराखंड में प्रस्तावित है, जिसमें  उत्तराखंड में स्वरोजगार एवम उद्यमिता विकास के साथ पलायन पर अंकुश लगाने के प्रयास पर बल दिया जाएगा।

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