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अलवर के राजगढ़ में 300 साल पुराने शिव मंदिर पर चला बुलडोजर

अलवर : अलवर के राजगढ़ में 3 मंदिरों के तोड़े जाने का मामला सामने आया है. जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी, राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है. भाजपा के आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने इस मामले को लेकर कांग्रेस को घेरा है. उन्होंने कहा कि करौली और जहांगीरपुरी पर आंसू बहाना और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाना, यही कांग्रेस का सेक्युलरिजम है.

बता दें कि, अलवर के राजगढ़ में मास्टर प्लान के तहत ढाई सौ से 300 साल पुराने तीन मंदिरों को ध्वस्त किया (Bulldozer on 3 temples in Rajgarh Of Alwar) गया है. हिंदू संगठनों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है. इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. ध्वस्तीकरण ड्राइव में देवी देवताओं की मूर्तियां खण्डित होने से लोग नाराज और परेशान हैं. इसके विरोध में लामबंद हुए लोगों को पुलिस ने बलपूर्वक साइट से हटाया.

मंदिरों का ध्वस्तीकरण अभियान (Master Plan Bulldozer In Rajasthan) चर्चा का विषय बन गया है. 17 अप्रैल से लगातार इस तरह के मामले राजगढ़ में सामने आ रहे हैं. हिंदू संगठनों ने अपना विरोध प्रकट करते हुए राजगढ़ विधायक जोहरी लाल मीणा, एसडीएम केशव कुमार मीणा और नगर पालिका के ईओ बनवारी लाल मीणा पर साजिश का आरोप लगाया है. उनका मत है कि ऐसी ड्राइव दंगा भड़काने के लिए चलाई जा रही है. लोगों का कहना है कि उन्होंने राजगढ़ थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफ आई आर दर्ज नहीं की है. राजनीतिक रसूख के चलते पुलिस पूरा मामला दबाने में लगी है.

विरोध में थाने पहुंचे हिंदू संगठन: इस पूरी कार्रवाई के विरोध में हिन्दू संगठनों ने थाने पहुंच कर रोष जाहिर किया. बढ़ते विवाद को देखते पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम को हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वो असंतुष्टों से मिलकर उन्हें समझाने का प्रयास करेंगी. दूसरी तरफ राजगढ़ में लगातार हिंदू संगठनों के पहुंचने का सिलसिला जारी है.

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