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बिपिन रावत बने देश के पहले CDS जनरल

नई दिल्ली : भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद दिया गया है.  सीडीएस का पद 4 स्टार रैंक के बराबर होता है, आइए जानते हैं इस पद की खासयित, तीनों सेनाओं के लिए क्यों है महत्वपूर्ण. क्या है इस पद की शक्तियां.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) एक ऐसा पद है, जिसपर रहने वाला अफसर तीनों सेनाओं का प्रमुख होगा, चार स्टार जनरल रैंक के अधिकारी को इस पद पर नियुक्त किया जाएगा, जिसको सैन्य प्रबंधन में विशेष योग्यता हासिल होगी.

सीडीएस तीनों सेनाओं से जुड़े मामलों में रक्षा मंत्री को सलाह देगा और उनका प्रधान सैन्य सलाहकार होगा. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त पर लाल किले से घोषणा करते हुए भारत में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त करने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि  सीडीएस सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायु सेना और नौसेना) के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा और उन्हें प्रभावी नेतृत्व देगा.

बता दें कि नाटो (North Atlantic Treaty Organization) से जुड़े ज्यादातर देश इस व्यवस्था के तहत अपनी सेनाओं के सर्वोच्च पद पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त करते हैं. इनकी शक्तियां देश के आर्म्ड फोर्सेज में सबसे ज्यादा होती हैं.

वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम, श्रीलंका, इटली, फ्रांस सहित करीब दस देशों में इसकी व्यवस्था थी, अब भारत का भी इसमें नाम जुड़ गया है. बता दें, कि हर देश अपने यहां सीडीएस को अलग अलग शक्तियां प्रदान करता है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति से तीनों सेनाओं के बीच समन्वय मजबूत होगा और सैन्य ऑपरेशन की स्थिति में रणनीति पर तेजी से अमल हो सकेगा.

1999 में हुए करगिल युद्ध के बाद जब 2001 में तत्कालीन डिप्टी पीएम लाल कृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GOM) ने समीक्षा की तो पाया कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही. अगर तीनों सेनाओं के बीच ठीक से तालमेल होता तो नुकसान को काफी कम किया जा सकता था. उस वक्त चीफ ऑफ डिफेंस (CDS) पद बनाने का सुझाव दिया था. वहीं 20 साल बाद 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CDS पद सृजित करने का ऐलान किया था.

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