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उत्तराखंड के नैनीताल में बनती है बेस्ट ऑर्गेनिक हर्बल टी

भारत में आपको मुश्किल से ही ऐसा घर मिलेगा जहां चाय ना बनती हो। चाय तो हिन्दुस्तानियों की रगों में बहती है। करीब 65 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिनके दिन की शुरुआत चाय के बिना होती ही नहीं है। कुछ लोग तो चाय के इतने शौकीन होते हैं कि अगर एक भी दिन उनको चाय न मिले तो सिर चकराने के साथ ही किसी भी काम में मन नहीं लगता है। लेकिन मुश्किल एक है दूघ- चीनी- चायपत्ती की चाय पीने वाले लोगों की संख्या बहुतायत में है। हालांकि हर्बल टी / Organic Herbal Tea का भी प्रचलन तेज़ी से बढ़ा है लेकिन अगर नॉर्मल चाय से तुलना करें तो हर्बल चाय का सेवन करने वाले बहुत ही कम लोग मिलेंगे। लेकिन घर में बनने वाली चाय जिसे CTC Tea कहा जाता है वो कैफीन से लैस होती है जिसका नुकसान भी  काफी होता है। लेकिन अब लोग धीरे-धीरे ही सही हर्बल टी के फायदों को समझ चुके हैं लिहाज़ा लोग इस तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। 

क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड में भले ही लोग देसी और कड़क चाय के शौकीन हों लेकिन यहां की बनी हर्बल चाय की दुनिया दीवानी है। दरअसल उत्तराखंड के हिमालयी रेंज (Himalayan Range of Uttarakhand) में उगने वाली जड़ी बूटियों, फूल, फलों व पत्तियों की चाय का देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया दीवानी है। नैनीताल के तल्ला गेठिया गांव (Nainital) में कर्तव्य कर्मा संस्था (Kartavya Karma Ngo) फिलहाल इसी तरह के Herbal Tea blends यानी हर्बल चाय बनाने का काम महिलाएं कर रही हैं। नैनीताल के गांव में बनने वाली ये जैविक हर्बल चाय ( Organic Herbal Tea) उत्तराखंड की बड़ी बड़ी चाय कंपनियों को भी फेल कर रही है। यहां बनी हर्बल टी के लोग दीवाने बन चुके हैं। खास बात ये है कि Pahari Haat Brand से बिकने वाली ये चाय पूरी तरह से Organic, Herbal और Healthy है। यानी नैनीताल ज़िले में Organic Herbal Tea की manufacturing unit से आपको कई तरह की Himalayan Range की Organic Healthy Herbal Tea मिल जाएंगी। 

नैनीताल के छोटे से गांव तल्ला गेठिया गांव में बनने वाले Organic Herbal Tea Blends Uttarakhand में तो मशहूर हो ही रहे हैं साथ ही देश भर में भी इनकी डिमांड बढ़ती जा रही है। इस हर्बल टी यानी हर्बल चाय की खास बात ये है कि चाय में इस्तेमाल होने वाली (Organic Herbs, Flowers, Leaves, Roots) जड़ी- बूटियां, फल, फूल, पत्ती व जड़ सीधे किसानों से खरीदी जाती है। इसके बाद इसको (Dry, Grading & Sorting) सुखाना, साफ सफाई करना, कूड़ा डंठल छाटना और उसके बाद इसकी (Herbal Blending) ब्लेंडिग करना ये सारा काम (Kartavya Karma Ngo) कर्तव्य कर्मा संस्था से जुड़ी महिलाएं करती हैं। हर्ब्स को सुखाने भर से ही हर्बल टी में इसका इस्तेमाल कर लिया जाए ऐसा बिल्कुल नहीं होता। यहां हर किसी महिला को पता है कि कौन सी हर्ब्स को सीधे धूप में सुखाना है या फिर कौन सी हर्ब्स को धूप की छांव में सुखाया जाता है। यही नहीं कुछ हर्ब्स ऐसी भी होती हैं जिनमें कीड़ा पड़ने का चांस ज्यादा होता है। मसलन, कैमोमाइल, मोरिंगा, मिंट (Organic Chamomile, Mint, Moringa) जैसे Herbal flowers और Leaves में दो से तीन महीने में ही कीड़ा पड़ जाता है लिहाज़ा इन Herbs को छांव में सुखाने के बाद स्टेरेलाइज़ेशन (Sterilization Process) किया जाता है। खास बात ये है कि ये प्रोसेस भी without Chemical वाली विघि यानी Steam Process (भाप विधि) द्वारा किया जाता है। हालांकि ये विधि काफी महंगी होती है लेकिन फिर भी हर्ब्स की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ को बनाए रखने के लिए इस विधि का उपयोग करना ज़रूरी होता है। पहाड़ों में ट्रांसपोर्टेशन बेहद पेचीदा और मंहगा है लिहाज़ा इन सारी बाधाओं को पार करते करते उत्पाद की कीमत काफी बढ़ जाती है लेकिन अगर आपको गुणवत्ता से समझौता नहीं करना है और साफ सुथरी और स्वास्थ्यवर्धक हर्बल टी चाहिए तो आपको अपनी जेब तो ढीली करनी पड़ेगी। Uttarakhand में Organic and Himalayan range की Herbal Tea के साथ क्या किया जाता है ये हर कोई जानता है। ना सुखाने की विधि का अनुमान, ना स्टेरेलाइजेशन प्रोसेस और ना ही उसको पैक करनी की उचित विधि का ज्ञान होना।  हर्बल टी की पैंकिग को ही लीजिए इन चाय को पैक करने के लिए पहले हर्बल टी के मैटीरियल को एल्यूमीनियम फॉयल ( Aluminium Foil Polly) में पैक किया जाता है इसके बाद इसमें (Oxygen observer Tablet) ऑक्सीजन ऑब्ज़र्वर टैबलेट डाली जाती है जो एडिबिल नहीं होती है लेकिन इसका उपयोग हर्ब्स को मॉइश्चर यानी नमी से दूर रखने के लिए किया जाता है। इसके बाद इसको कार्ड बोर्ड के (Organic Herbal Tea in Airtight Cardboard box) एयर टाइट बॉक्स में रखकर पैक किया जाता है। यही नहीं इस हर्बल चाय का न्यूट्रीश्नल टेस्ट (Nutritional Test of Organic Herbal Tea) भी किया जाता है ताकि इसमें हर तत्व यानी इग्रेडिएंट की वैल्यू का पता लगाया जा सके कि इसमें प्रोटीन, फैट, शुगर या फिर कार्बोहाइड्रेट की कितनी मात्रा है। इतना सब कुछ करने के बाद ही हर्बल टी को मार्केट में लाया जाता है। महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले ये टी ब्लेंड्स (Organic Herbal Teas in Nainital) वाकई में स्वास्थय के लिए काफी लाभदायक हैं। 

वैसे तो हर्बल टी पूरे उत्तराखंड में अलग अलग जगहों पर बनाई जा रही है लेकिन नैनीताल में बनने वाली हर्बल टी काफी रिसर्च के बाद ही लॉन्च की जाती है। इसके हरेक पहलू पर बारीकी से काम किया जाता है, यही नही Tea experts से पूरी तरह से राय लेने के बाद ही authentic Original Organic Herbal Tea को लॉन्च किया जाता हैृ ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना हो और (Top Class and Healthy Organic Herbal Tea Blend) एक सही और स्वास्थ्यवर्धक चाय ही पहुंचे। 

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