हरिद्वार

शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या की गिरफ्तारी पर लगी रोक

नैनीताल हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में छत्तीसगढ़ की युवती की ओर से दिल्ली में दर्ज कराई गई ज़ीरो एफआईआर के ममले में दर्ज हुई याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शांतिकुंज गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जून की तिथि नियत की है। मामले के अनुसार, प्रणव पंड्या व अन्य ने हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी पर रोक व दायर एफआईआर को निरस्त करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जून की तिथि नियत की है।

बताते चले कि दिल्ली के विवेक विहार थाने में छत्तीसगढ़ की 24 वर्षीय युवती ने शांतिकुंज के डॉक्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पांच मई को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि युवती (तब नाबालिग थी) वर्ष 2010 से 2014 तक शांतिकुंज में ही रही थी, उस वक्त वह खाना बनाने वाली टीम का हिस्सा थी।युवती ने डॉक्टर पर दुष्कर्म करने और पत्नी पर मामले को छिपाए रखने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि यह सिलसिला वर्ष 2014 तक चलता रहा। ज्यादा तबीयत खराब होने पर उसे घर भेज दिया गया। उसे किसी को भी इस बारे में जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। मामले की जांच हरिद्वार पुलिस कर रही है।