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दून में ऑटो चालकों की नहीं चलेगी मनमानी

देहरादून, एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने एसपी ट्रैफिक को यह भी निर्देशित किया कि वह सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं के वाहनों अनिवार्य रूप से किराया सूची लगाना सुनिश्चित कराएं। ताकि सफर करने वाले नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

आइएसबीटी और रेलवे स्टेशन पर रात के समय विक्रम, ऑटो और ई-रिक्शा के चालक यदि मनमाना किराया मांगे तो परेशान न हों, तुरंत डायल 112 पर कॉल करें। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचेगी। आपकी मदद करने के साथ संबंधित चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी करेगी।

गौरतलब है कि शहर में विक्रम, ऑटो व ई-रिक्शा चालक यातायात व परिवहन नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। मनमाफिक किराया लेना और जहां-तहां वाहन खड़ा कर देना इनका शगल बन चुका है। स्थिति यह है कि यात्रियों से मनमाना किराया लेने के साथ ही कई दफा चालक अपनी दबंगई दिखाकर यात्रियों से अभद्रता भी करते हैं।

रात में यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर तय किराये से कई गुना ज्यादा किराया लेते हैं और यात्री अधिक किराया देने को मजबूर हो जाते हैं। जितने किराये में यात्री दिल्ली से बस में देहरादून आता है, उतना किराया ये लोकल में हड़प लेते हैं।

परिवहन विभाग द्वारा ऑटो चालकों के लिए भूरे रंग की वर्दी निर्धारित की गई है। इसके साथ ही वर्दी पर नेम प्लेट भी लगी होनी अनिवार्य है, लेकिन शहर में एक भी ऑटो चालक वर्दी में नहीं दिखता। ऐसे में किसी आपराधिक घटना में ऑटो चालक की पहचान कर पाने में दिक्कत होती है।

वर्ष 2010 और 2013 में यातायात पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आइएसबीटी से प्रीपेड ऑटो की व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन ऑटो संचालकों की मनमानी से यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। वर्ष 2016 में पुलिस ने फिर यह व्यवस्था लागू की, लेकिन इसका पालन वर्तमान में भी पूरी तरह नहीं हो रहा। ऑटो चालक यात्री से सीधे मनमाने किराये की डील कर रहे हैं। ऐसे में मीटर व्यवस्था लागू करना परिवहन विभाग के लिए चुनौती होगा।

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