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जल्द मिल सकती है औली को ‘फिस’ से मान्यता

जोशीमठ(चमोली), विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली के अंतरराष्ट्रीय नंदा देवी स्लोप को जल्द फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल स्कीइंग (फिस) से मान्यता मिलने की उम्मीद है।

संयुक्त निदेशक उत्तराखंड पर्यटन परिषद विवेक चौहान ने बताया कि फिस की टीम औली में इस स्कीइंग स्लोप का निरीक्षण कर चुकी है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट फेडरेशन को सौंप देगी।

दरअसल, स्लोप को वर्ष 2010 में मिली मान्यता की अवधि इसी माह पूर्ण हो रही है और दो बार यहां राष्ट्रीय खेल भी नहीं हो पाए। ऐसे में अगले दस साल के लिए औली के अंतरराष्ट्रीय स्लोप को फिर नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। इसी के बाद स्लोप को मान्यता प्रदान की जाएगी।

फिस की मान्यता के बाद स्लोप पर प्रति वर्ष राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना जरूरी है। लेकिन, वर्ष 2012 और 2018 में बर्फबारी न होने के कारण औली को इन खेलों से महरूम रहना पड़ा। आयोजन की तिथि आगे खिसकाने के बाद भी यहां राष्ट्रीय खेल नहीं हो पाए। अगर यह आयोजन हो जाते तो स्लोप को स्वाभाविक रूप से अगले दस सालों के लिए मान्यता मिल जाती।

हालांकि, इस अवधि में एक बार शीतकालीन दक्षिण एशियाई खेल (सैफ गेम्स) और पांच बार शीतकालीन राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हो चुका है। लेकिन, मान्यता बरकरार रखने के लिए इसमें निरंतरता होना जरूरी है।

विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ चमोली के सचिव अजय भट्ट कहते हैं कि इस बार नवंबर से ही यहां अच्छी बर्फबारी हो रही है, सो उम्मीद की जानी चाहिए कि फिस रेस के साथ राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में भी कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी।

चमोली जिले में समुद्रतल से 10500 फीट की ऊंचाई पर औली का 1300 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा दक्षिणमुखी स्लोप देश ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्लोपों शामिल है।

बर्फ न पड़ने की स्थित में यहां आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीन भी लगाई गई है। इसके लिए यहां 25 हजार किलो लीटर क्षमता की एक कृत्रिम झील भी बनाई गई है। खिलाड़ियों को स्लोप के फिनिसिंग प्वाइंट से स्टार्ट प्वाइंट तक ले जाने के लिए 800 मीटर लंबी चेयर लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध है।

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