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कार्यबहिष्कार से प्रभावित हो सकता है विधानसभा सत्र

(दीपक फर्स्वाण) गैरसैण : आगामी 3 मार्च से गैरसैंण में होने वाले विधानसभा के बजट सत्र पर राज्य कर्मचारियों (जनरल एवं ओबीसी वर्ग) के कार्यबहिष्कार का असर पड़ सकता है। इस आशंका को देखते हुये सरकार विचार कर रही है कि कैसे इस समस्या का समाधान किया जाये। विधानसभा सचिवालय और शासन स्तर पर कार्यबहिष्कार जारी रहने की दशा में वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर विचार किया जा रहा है।

सरकार ने आगामी 3 मार्च से 7 मार्च तक गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर वहां सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया को व्यवस्थाओं की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इधर, प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर राज्य कर्मचारी दो ध्रुवों में बंटे हुये हैं। जनरल और ओबीसी कार्मिकों के संयुक्त संगठन ‘उत्तराखण्ड जनरल-ओबीसी इम्पलाईज एसोसिएशन’ ने प्रमोशन में आरक्षण न दिये जाने की मांग को लेकर आगामी 2 मार्च से पूरे प्रदेश में कार्यबहिष्कार का ऐलान किया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कार्यबहिष्कार दी दशा में बजट सत्र प्रभावित हो सकता है। दरअसल, विधानसभा में मुख्यमंत्री और मंत्रियों का स्टाफ राज्य साचिवालय से तैनात किया जाता है। इसके अलावा, विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों से सम्बंधित सवाल पूछे जाते हैं। इन सब कामों के लिये सत्र अवधि के लिये शासन और विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात किये जाते हैं, जो सदन के मांगने पर त्वरित सूचनायें उपलब्ध करवाते हैं। कर्मचारियों की पूर्ण हड़ताल की स्थिति में ये काम प्रभावित हो सकते हैं।

‘आरक्षण का मामला बेहद गंभीर है। सरकार इसके निदान को लेकर गंभीरता से प्रयास कर रही होगी। मुझै लगता है विधानसभा सत्र से पहले यह मामला सुलझ जायेगा’।
_ प्रेमचन्द अग्रवाल, स्पीकर, विधानसभा।


‘उत्तराखण्ड जनरल-ओबीसी इम्पलाईज एसोसिएशन’ की हड़ताल मांग पूरी न होने तक हर हाल में जारी रहेगी। हड़ताल से क्या काम प्रभावित होंगे क्या नहीं यह देखना सरकार का काम है।
_ दीपक जोशी, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड जनरल-ओबीसी इम्पलाईज एसोसिएशन।

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