उत्तराखंड

कांवड़ यात्रा पर हमले की आशंका से आतंकवाद निरोधी दस्ते की तैनाती

हरिद्वार. इंटेलिजेंस विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कांवड़ यात्रा पर हमले की आशंका है, तो इसके बाद राज्य से लेकर केंद्र तक इंतज़ामों को लेकर गहमागहमी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को एडवाइज़री जारी कर दी है, तो उत्तराखंड पुलिस कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में जुटी हुई है. हरिद्वार में पुलिस के साथ ही आतंकवाद निरोधी दस्ते समेत अन्य बलों की तैनाती भी की गई है और ज़िले के पुलिस कप्तान का कहना है कि चौकसी से लेकर एक्शन तक लेने के लिए पुलिस सतर्क और तैयार है.

गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कहे जाने के बाद हरिद्वार पुलिस ने एडवाइज़री को गंभीरता से लेते हुए कवायद की है. एसपी स्वतंत्र कुमार ने  बातचीत में कहा कि पुलिस चप्पे-चप्पे पर पैनी नज़र बनाए हुए है. पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी से पाट दिया गया है. यही नहीं, कांवड़ मेले की सुरक्षा में पुलिस जवानों के साथ अर्ध सैनिक बल, सशस्त्र सेना बल, बीडीएस डॉग स्क्वॉड की तैनाती भी है. ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है.

स्वतंत्र कुमार ने कहा, ‘हमारी फोर्स के साथ ही इंटेलिजेंस भी काम कर रही है. यहां एटीएस के अलावा, पीएसी, आईटीबीपी, आरएएफ, एसएसबी समेत पैरामिलिट्री की छह कंपनियों की तैनाती हो चुकी है. सभी स्तर के अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ जुटे हुए हैं.’ इधर, हरिद्वार से देहरादून तक और कांवड़ मेले के तमाम यात्रा पड़ावों पर राज्य पुलिस के आला अफसर लगातार दौरे व बैठकें कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर भी है निगरानी
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सकुशल संपन्न करवाने के लिए कुमाऊं डीआईजी नीलेश आनंद भरणे और मुरादाबाद डीआईजी शलभ माथुर उधमसिंह नगर ज़िले के काशीपुर पहुंचे. स्थानीय प्रशासन व पुलिस फोर्स के साथ बैठकों के बाद दोनों अधिकारियों ने बीते साल ज़िले के सितारगंज में हुए कांड को लेकर भी अलर्ट रहने के निर्देश देते हुए सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा नज़र रखे जाने की बात भी कही.

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