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अमित शाह आज पेश करेंगे नागरिकता संशोधन बिल

नई दिल्‍ली : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज नागरिक संशोधन विधेयक संसद के पटल पर रखने जा रहे हैं। संसद का सत्र आज हंगामेदार होने के आसार हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के सांसद पीके कुन्हलिकुट्टी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB), 2019 की शुरुआत का विरोध करते हुए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।

दरअसल, लोकसभा में आज पेश होने जा रहे नागरिकता संशोधन विधेयक पर राजनीतिक खेमेबंदी की तस्वीर साफ हो गई है। घटक और बीजेडी जैसे मित्र दलों के समर्थन के बूते एनडीए सरकार ने बिल को पारित कराने की तैयारी कर ली है।

इधर, कांग्रेस की अगुआई में अधिकांश विपक्षी दलों ने भी नागरिकता संशोधन बिल के वर्तमान स्वरूप को देश के लिए खतरनाक बताते हुई इसके विरोध की ताल ठोक दी है। शिवसेना का कहना है कि केंद्र इस बिल के जरिए हिंदू-मुस्लिमों के बीच अदृश्‍य बंटवारा कर रही है।

– कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने लोकसभा में कहा कि देश में बेरोजगारी दर 45 साल के उच्चतम स्तर पर है। देश की मौजूदा आर्थिक सुस्ती को देखते हुए क्या सरकार ऐसा डेटाबेस बना सकती है, जिससे पता चले कि जिसने एजुकेशन लोन लिया है उसे रोजगार मिला या नहीं?

– भारतीय जनता पार्टी के सांसद विजय गोयल ने राज्यसभा में दिल्ली की अनाज मंडी में लगी भीषण आग का मुद्दा है। रविवार को लगी इस भीषण आग में 43 लोगों की जान चली गई है और कई लोग घायल हो गए हैं।

– नागरिकता संशोधन विधेयक पर एआइयूडीएफ के नेता बदरुद्दीन अजमल ने कहा- यह बिल संविधान और हिंदू मुस्लिम एकता के खिलाफ है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं। इस के मुद्दे पर विपक्ष भी हमारे साथ है। हम इस बिल को किसी भी कीमत पर पास नहीं होने देंगे।

– केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज नागरिक संशोधन विधेयक संसद के पटल पर रखने जा रहे हैं। अमित शाह लोकसभा पहुंच गए हैं। दोपहर 12 बजे वह लोकसभा में नागरिकता कानून बिल पेश करेंगे। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार आज ही नागरिकता बिल को लोकसभा में पास कराएगी। इसका मतलब है कि इस बिल पर लोकसभा में सोमवार को ही चर्चा हो सकती है।

– केंद्र नागरिकता संशोधन बिल को देशहित में बता रहा है। गृह मंत्रालय सूत्रों की मानें तो नागरिकता कानून के तहत मणिपुर की चिंताओं को भी देखा गया है।

इसमें हर राज्‍य का ध्‍यान रखा गया है। इनर लाइन परमिट में मणिपुर को भी शामिल किया जा सकता है, अभी तक अरुणाचल, नगालैंड और मिजोरम को ही शामिल किया गया था। इससे पहले 1950 से लेकर अभी तक सभी को फॉरेन ऑफिस में रजिस्टर करने की जरूरत थी।

– देश में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कई मांग उठ रही हैं। शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिज़वी ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. इसमें लिखा गया है कि नागरिकता संशोधन बिल में शियाओं को भी शामिल किया जाए।

– नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद से सड़क तक विरोध हो रहा है। आज सिर्फ असम में इस बिल के विरोध में सोमवार को 16 संगठनों ने 12 घंटे का बंद बुलाया है। इनके अलावा आदिवासी छात्रों ने भी इस बंद का समर्थन किया है, असम के अलावा अन्य राज्यों में भी बिल के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। नागरिकता कानून से पहले एनआरसी का भी भरपूर विरोध किया गया था।

– संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल 2019 पेश होगा। बताया जा रहा है कि गृहमंत्री अमित शाह इस बिल को सदन के सामने रखेंगे।

– नागरिकता संशोधन विधेयक पर शिवसेना ने केंद्र सरकार पर हमला किया है। शिवसेना का कहना है कि केंद्र इस बिल के जरिए हिंदू-मुस्लिमों के बीच अदृश्‍य बंटवारा कर रही है।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल में सरकार ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक भेदभाव और उत्पीड़न के शिकार होकर आने वाले गैर-इस्लामिक धर्मावलंबियों हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, पारसी और इसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है। इसमें मुस्लिम समुदाय को शामिल नहीं किया गया है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों का कहना है कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर इस तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं देता।

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