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उत्तराखंड के सभी सरकारी भवन भूकंपरोधी बनेंगे

उत्तराखंड में बड़े भूकंप की आशंका को देखते हुए सभी सरकारी भवनों का सर्वे कर जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही भूकंप सुरक्षा के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकीकृत भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम पर मुहर लगाई गई।

सरकारी प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि सरकार ने राज्य के सभी सरकारी/अशासकीय स्कूल, अस्पताल, पुलिस स्टेशन समेत तमाम सरकारी भवनों की जांच कराने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए 30 सहायक अभियंता, 30 अवर अभियंता, एक संयोजक एवं एक सह संयोजक की टीम गठित की जाएगी, जो एक साल के भीतर राज्य के सभी संवेदनशील भवनों का परीक्षण कर आपदा प्रबंधन विभाग को अपनी रिपोर्ट देगी।

इस आधार पर ही संवेदनशील/कमजोर भवनों की मरम्मत या रेट्रोफिटिंग का काम होगा। भवनों के सर्वे के लिए तीन करोड़ 75 लाख रुपये की व्यवस्था का भी निर्णय लिया गया है। सभी सरकारी भवनों का सर्वे पूरा हो जाने के बाद कमजोर भवनों की मरम्मत का काम होगा। पांच साल में भूकंप सुरक्षा पर 150 करोड़ खर्च होंगे। भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जागरूकता, बचाव के कई कदम उठाए जाएंगे।

कैबिनेट ने सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापना नीति में भी बदलाव किया है। पुरानी नीति के तहत रेडियो स्टेशन स्थापित न होने को देखते हुए अब अनुदान बढ़ाया गया है। सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना के लिए अभी तक पांच लाख या 30% तक अनुदान की व्यवस्था थी। अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। साथ ही तीन साल तक दो लाख की सहायता का भी निर्णय लिया गया है। सामुदायिक रेडियो स्टेशन के लाइसेंस एनजीओ को दिए जाएंगे। वहीं, कैबिनेट बैठक के दौरान उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड के चार साल के वार्षिक प्रत्यावेदन को विधानसभा
में पेश करने को भी मंजूरी दे दी गई है।

देहरादून। मुख्यमंत्री सहित छह मंत्रियों और मुख्य सचिव को कंडाली (बिच्छू घास) के रेशों से बनी जैकेट पहनाई गईं। उन्हें यह भी बताया गया कि इसी तरह भांग के रेशों से भी जैकेट बनाई जा रही हैं। दोनों ही उत्पादों की गुणवत्ता अच्छी है। सभी मंत्री जैकेट पहनकर खुश दिखे। इसी दौरान चर्चा हुई कि भांग के रेशों से बनीं जैकेट भी पहन सकते हैं।

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को जब वन मंत्री डॉ. हरक सिंह ने पूछा कि ये कंडाली की जैकेट है या भांग की तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि नशा हो गया तो भांग की समझो, खुजली हो गई तो कंडाली की। इस पर दोनों मंत्री ठहाके लगाकर हंसने लगे। साथ ही इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि भांग के रेशे से जैकेट तो कभी कांग्रेस सरकार बना रही थी।

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