राष्ट्रीय

पनामा पेपर लीक मामले में ऐश्वर्या राय बच्चन को ED ने पूछताछ के लिए बुलाया

पनामा पेपर्स मामले को लेकर बच्चन परिवार की टेंशन बढ़ गई है. अभिषेक बच्चन की पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन को आज दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होना था. सूत्रों के मुताबिक, ऐश्वर्या राय की पेशी दिल्ली स्थित लोकनायक भवन में होनी थी. लेकिन उन्होंने आज ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है. इस बात की जानकारी ईडी ने दी है. हालांकि, अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से जल्द ही एक नया समन ऐश्वर्या राय बच्चन को जारी किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से ऐश्वर्या राय से पूछे जाने वाले सवालों की सूची पहले से तैयार कर ली गई थी. लेकिन सोमवार को जानकारी मिली कि ऐश्वर्या राय पेशी में शामिल नहीं होंगी. बता दें कि अभिषेक बच्चन से इस मामले में पिछले महीने ही पूछताछ हुई थी.पनामा पेपर्स मामले की जांच के सिलसिले में कई बड़े चेहरों से पूछताछ हो चुकी है. देश की कई बड़ी हस्तियां जांच में शामिल हो चुकी हैं. बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन भी एक महीने पहले ईडी दफ्तर पहुंचे थे, जहां उनसे पूछताछ की गई थी. सूत्रों के मुताबिक अमिताभ बच्चन को भी मामले में जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से नोटिस भेजा जा सकता है.

अमिताभ बच्चन को बनाया गया था 4 कंपनियों का डायरेक्टर!

दरअसल, साल 2016 में पनामा के लॉ फॉर्म के कागज लीक हो गए थे, जिसमें विश्व के कई बड़े नेता, व्यापारी और फिल्म जगत से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे. लीक हुए इन पेपर्स में भारत के करीब 500 लोगों के नाम शामिल थे. इसमें बच्चन परिवार भी शामिल था. खुलासे से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक अभिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का निर्देशक बनाया गया था. ये कंपनियां करोड़ों के कारोबार में शामिल पाई गई थीं. वहीं, ऐश्वर्या को भी अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके माता-पिता भी कंपनी में पार्टनर थे.

सरकार के मुताबिक पनामा एवं पैराडाइस पेपर्स लीक में भारत से जुड़े 930 प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए हैं जिसमें से पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है. इन लोगों पर टैक्स चोरी का आरोप है. सरकार के मुताबिक पनामा और पैराडाइस पेपर्स लीक मामले के संदर्भ में 20,353 करोड़ रूपये के बिना खुलासे वाले रिण का पता लगा है. वहीं, पनामा एवं पैराडाइस पेपर्स लीक में करीब 153.88 करोड़ रूपये की कर वसूली की जा चुकी है.

सरकार लगातार कर रही कार्रवाई

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में बताया कि ‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ (आईसीआईजे) के खुलासा किए गए मामलों में की गई निरंतर जांच से अब तक अघोषित विदेशी खातों में 11,010 करोड़ रुपये से अधिक जमा का पता चला है.

उन्होंने कहा कि काला धन (अघोषित विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण कानून, 2015 के तहत 30 सितंबर, 2015 को समाप्त तीन महीने की अनुपालन व्यवस्था के तहत 4,164 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति से जुड़े 648 खुलासे किए गए. उन्होंने कहा कि पनामा तथा पैराडाइज पेपर लीक मामले में भारत से संबद्ध 930 इकाइयों के संबंध में 20,353 करोड़ रुपये की राशि के कुल अघोषित जमा का पता चला है.

चौधरी ने कहा कि अभी तक पनामा तथा पैराडाइज पेपर लीक मामले में 153.88 करोड़ रुपये बतौर कर एकत्र किए गए हैं. इसके अलावा पनामा तथा पैराडाइज पेपर लीक के 52 मामलों में काला धन कानून, 2015 के तहत आपराधिक अभियोजन शिकायतें दर्ज की गई हैं. साथ ही 130 मामलों में काला धन कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है.

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