- एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर प्रदेश व्यापी अभियान तेज, हयात रिजेंसी और JW मैरियट से सैंपल जांच को भेजे गए
देहरादून। प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट के खिलाफ स्वास्थ्य सचिव एवं एफडीए आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सख्त रुख अपनाया है।
उनके निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने फाइव स्टार होटलों से लेकर छोटे खाद्य प्रतिष्ठानों तक विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। अभियान में खास तौर पर एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर नजर रखी जा रही है।
सोमवार को एफडीए की टीम ने देहरादून के प्रमुख फाइव स्टार होटलों का निरीक्षण किया। ताज, हयात रिजेंसी, JW मैरियट, फेयरफील्ड और हयात सेंट्रिक में किचन से लेकर स्टोर, खाद्य सामग्री के भंडारण, कच्चे माल और स्वच्छता व्यवस्था तक की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान हयात रिजेंसी से मसालों और JW मैरियट से तैयार दाल के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
फाइव स्टार हो या छोटी दुकान, नियम सबके लिए बराबर
स्वास्थ्य सचिव एवं एफडीए आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा के मामले में प्रतिष्ठान का आकार या ब्रांड मायने नहीं रखता। फाइव स्टार होटल हो या सामान्य दुकान, खाद्य सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान हैं। विभाग की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
एनालॉग पनीर पर खास नजर
अभियान के दौरान एफडीए की टीमें खासतौर पर एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों की जांच कर रही हैं। विभाग की ओर से ऐसे उत्पादों के उत्पादन और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। देहरादून से शुरू हुआ यह विशेष अभियान अब पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
हयात के स्टोर में तीन उत्पादों पर नोटिस
जांच के दौरान हयात रिजेंसी के स्टोर में उपलब्ध गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के पैक्ड उत्पादों के संबंध में संबंधित निर्माताओं से आवश्यक दस्तावेज और गुणवत्ता संबंधी जानकारी मांगी गई है। एफडीए की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं।
मिलावट पर नो कॉम्प्रोमाइज
विनय शंकर पांडेय का संदेश स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मिलावटी या गैर-मानक खाद्य सामग्री के इस्तेमाल और बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और प्रदेशभर में जांच एवं सैंपलिंग का अभियान जारी रहेगा।
