आगामी 2027 कुम्भ मेले की तैयारियों में मेला प्रशासन ने आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है. इसके तहत कुंभ के लिए आधिकारिक प्रतीक चिन्ह यानि लोगो डिजाइन तैयार करने हेतु नागरिकों से रचनात्मक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं. जिसका लोगो चयन होगा उसे मेला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा.
मेलाधिकारी सोनिका ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कुंभ मेला भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है. कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारियों के क्रम में आमजन की रचनात्मक भागीदारी के माध्यम से इस आयोजन का ‘लोगो’ तैयार करने का निश्चय किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ‘लोगो’ ऐसा होना चाहिए जो कुंभ मेला की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सदियों पुरानी इस अद्भुत विरासत की परिकल्पना को आकर्षक एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत कर सके. यह ‘लोगो’ कुम्भ मेले की एक प्रमुख पहचान बनेगा, इसलिए इसमें नवाचार के साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक मूल्यों एवं परंपराओं की स्पष्ट झलक होना आवश्यक है.
उन्होंने बताया कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति स्वयं द्वारा तैयार किया गया लोगो डिजाइन 15 दिनों के भीतर सॉफ्ट कॉपी एवं हार्ड कॉपी के रूप में मेला नियंत्रण भवन, निकट हर की पैड़ी, हरिद्वार स्थित उनके कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में उपलब्ध करा सकते हैं. प्रतिभागी अपना डिजाइन ई-मेल kumbh.ccr@gmail.com पर भी भेज सकते हैं. मेलाधिकारी ने बताया कि चयनित लोगो डिजाइन के डिजाइनर को सम्मानित किया जाएगा.
उन्होंने उत्तराखंड के आम नागरिकों, कलाकारों, डिजाइनरों, युवाओं एवं छात्रों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पहल से जुड़ें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से कुम्भ मेले की पहचान को नया आयाम दें. बता दे कि उत्तराखंड सरकार 2027 अर्धकुंभ मेले को पूर्ण कुंभ के रूप में आयोजित करने की घोषणा कर चुकी है. कुंभ मेले के लिए जारी बजट से निर्माण कार्य जारी हैं. कुंभ की तैयारियों के बीच अब लोगो भी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. आकर्षक लोगो बनाने वाले डिजाइनर को सम्मानित किया जाएगा.
बता दें कि कुंभ मेला 2027 के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. मेला प्रशासन के अधिकारी तमाम कार्यों को मॉनिटरिंग कर रहे हैं. मेला प्रशासन के अधिकारी तमाम निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं. जिससे समय से कुंभ की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके.
