उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में भू-माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस ने इस बार सीधे राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। देहरादून जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस जाने से मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाल्मीकि मंदिर के पास बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने के कारण सड़क की नींव खोखली हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरीके से पहाड़ को काटकर और सड़क के नीचे खुदाई की गई, उसने राजमार्ग की संरचनात्मक मजबूती को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
घटना मसूरी में वाल्मीकि मंदिर के समीप हुई, जहां गुरुवार शाम अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे धंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले सड़क पर हल्की दरारें दिखाई दीं और देखते ही देखते डामर और मिट्टी का हिस्सा नीचे खिसक गया। सौभाग्य से उस समय वहां कोई बड़ा वाहन मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जेसीबी मशीनों के जरिए भारी खुदाई की जा रही थी। आरोप है कि यह खुदाई अवैध रूप से की जा रही थी और प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद समय पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए मसूरी को उत्तरकाशी और आगे चारधाम मार्ग से जोड़ता है। चारधाम यात्रा के दौरान इसी मार्ग से हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं। इसके अलावा यह सड़क प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कैम्पटी फॉल तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है।
यही नहीं, यह मार्ग देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्था लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी तक जाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आईएएस और अन्य सिविल सेवा अधिकारी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क का क्षतिग्रस्त होना केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का विषय बन गया है।