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मदकोट सड़क का 17 सौ मीटर हिस्सा भगवान भरोसे

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मदकोट : मदकोट बाजार के मध्य गुजरने वाले जौलजीवी-मुनस्यारी मोटर मार्ग में 17 सौ मीटर सड़क का स्वामित्व किसी भी विभाग के पास नहीं है। इस कारण सड़क का यह हिस्सा जर्जर हो गया है। छह साल पूर्व काटी गई सड़क की आज तक किसी भी विभाग ने सुध नहीं ली।

जर्जर सड़क को बीआरओ और न ही किसी दूसरे विभाग ने ही सही करने की कोशिश की। अब बारिश होने पर सड़क का यह हिस्सा दलदल में बदल जाता है। धूप खिलने पर धूल उड़ती है। इससे सड़क किनारे स्थित दुकान और मकान वाले परेशान होते हैं।

इस संबंध में बीआरओ का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा उनका नहीं है। लोनिवि कहता है कि जौलजीवी-मुनस्यारी सड़क उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। ऐसे में सड़क के स्वामित्व का मामला नहीं सुलझ रहा है।

धारचूला के विधायक मदकोट निवासी हरीश धामी ने जर्जर सड़क को लेकर आन्दोलन का ऐलान किया है। उन्होंने सोमवार को चेताया कि 25 दिसंबर से मार्ग पर सरकारी वाहनों का संचालन ठप कर दिया जाएगा। आपदा राहत के नाम पर ग्रामीणों ने वाहनों के चलने के लिए अपनी भूमि दी है। इस भूमि पर बनी सड़क पर सरकारी वाहनों का संचालन नहीं करने दिया जाएगा। निजी वाहन और टैक्सियां चलेंगी।

जौलजीवी-मुनस्यारी मार्ग पर यदि मदकोट में सरकारी वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाता है तो यहां से आना-जाना मुश्किल हो जाएगा। सरकारी वाहनों को जौलजीवी से 54 किमी अतिरिक्त चल कर थल से 71 किमी का सफर तय करना होगा।

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