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17वीं लोकसभा में दिसंबर 2019 तक उत्तराखंड के सांसदों ने एक भी रुपया खर्च नहीं किया

काशीपुर : 17वीं लोकसभा में दिसंबर 2019 तक उत्तराखंड के सांसदों ने एक भी रुपया खर्च नहीं किया। इतना ही नहीं, 16वीं लोकसभा के सांसदों की ओर से स्वीकृत 3342 विकास कार्य भी प्रारंभ नहीं हुए। यह खुलासा आरटीआइ से हुआ।

असल में 16वीं लोकसभा में मिले धन के खर्च का विवरण ही सांसदों ने नहीं दिया। इस कारण 17वीं लोकसभा में मात्र टिहरी सांसद राजलक्ष्मी की ढाई करोड़ की सांसद निधि जारी हो सकी। बाकी सांसदों की झोली खाली ही रही।

 

काशीपुर के आरटीआई कार्यकर्ता नदीमुद्दीन ने मांगी है सूचना

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीमुद्दीन नेे उत्तराखंड के ग्राम्य विकास आयुुक्त से सांसदों की निधि के खर्च संबंधी सूचना मांगी। लोक सूचना अधिकारी उपायुुक्त (प्रशासन) हरगोविंद भट्ट नेे पत्रांक 3211 सेे दिसंबर 2019 तक सांसद निधि का विवरण दिया।

इसके अनुसार उत्तराखंड के सांसदों को विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ प्रतिवर्ष की निधि में सेे दिसंबर 2019 तक केवल टिहरी सांसद राजलक्ष्मी को ही ढाई करोड़ रुपये मिले। इसके अतिरिक्त किसी भी सांसद की निधि जारी ही नहीं हो सकी।

 

नहीं दिया खर्च का विवरण

 

असल में 16वीं लोकसभा की ढाई करोड़ की किस्त का प्रयोग विवरण उपलब्ध करानेे पर ही अगली 2.5 करोड़ की किस्त जारी होती है। नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुुसार दिसंबर 2019 तक 16वीं लोकसभा के सांसदों को ब्याज सहित उपलब्ध 99.66 करोड़ की निधि में सेे 78.95 करोड़ ही खर्च हो सकी थी, लेकिन उन्होंने खर्च का विवरण नहीं दिया।

 

लापरवाही में कोई पीछे नहीं

 

नए सांसदों की निधि में केवल टिहरी सांसद राजलक्ष्मी की ढाई करोड़ की निधि जारी हुई है। उसमें से भी एक रुपया दिसंबर 2019 तक खर्च नहीं हुआ। अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा की ब्याज सहित निधि 2633.84 लाख है, जिसमें सेे दिसंबर 2019 तक केवल 50 फीसद ही खर्च हो सकी। हरिद्वार सांसद डॉ. रमेेश पोखरियाल निशंक के कुल 2605.09 लाख में सेे केवल 77 फीसद ही खर्च हुए। पौड़ी सांसद बीसी खंडूड़ी की 2531.32 लाख की निधि में सेे केवल 1001.14 लाख ही खर्च हो सकी। नैनीताल-ऊधमङ्क्षसह नगर सांसद की 2560.9 लाख की निधि मेें सेे 1795.87 लाख खर्च हुई।

 

काम कराने में भी सुस्ती

 

16वीं लोकसभा में सांसदों की निधि सेे कुल 9128 कार्य स्वीकृत हुए। इनमें से दिसंबर 2019 तक 4592 कार्य ही हो सके। 1194 कार्य चल रहेे हैं। 3342 कार्य दिसंबर 2019 तक शुरू ही नहीं हो सके थे।

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