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सड़कों की कटिग में मलबा निस्तारण के मानकों का पालन न करने ठेकेदार पर 14 लाख का जुर्माना

उत्तरकाशी: सड़कों की कटिग में मलबा निस्तारण के मानकों का पालन न करने पर वन विभाग ने पीएमजीएसवाइ और ठेकेदार के खिलाफ 14 लाख रुपये का जुर्माना काटा। साथ ही मुखेम रेंज में दोनों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत चालान भी काटा गया है।

पिछले काफी समय से मनेरी-कामर मोटर मार्ग का निर्माण चल रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाइ उत्तरकाशी और ठेकेदार ने पूरा मलबा डंपिग जोन में न डालकर जल स्त्रोत सहित वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने जब इसकी शिकायत की तो वन विभाग की नींद खुली। लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। आननफानन में उत्तरकाशी वन प्रभाग की मुखेम रेंज के अधिकारियों ने वन संपदा और जल स्त्रोतों की क्षति का आंकलन 14 लाख से अधिक किया।

मुखेम रेंज के अधिकारी ओमप्रकाश मधवाल ने कहा कि मनेरी कामर सड़क निर्माण का कार्य पीएमजीएसवाइ उत्तरकाशी करा रही है। इस सड़क निर्माण के मलबे को निर्धारित डंपिग जोन में न डालकर सीधे सीधे जल स्त्रोतों और वन भूमि में डाला गया है। जिससे भूमि कटाव भी हुआ है। पेड़ पौधों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जल प्राकृतिक जल स्त्रोत भी प्रभावित हुए हैं। ठेकेदार और पीएमजीएसवाइ के खिलाफ 14 लाख रुपये का जुर्माना और वन अधिनियम के तहत चालान भी काटा गया। वहीं भटवाड़ी के एसडीएम देवेंद्र नेगी ने कहा कि इस मामले में वन विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। प्रशासन की टीम लगातार निगरानी रखे हुए है। पीएमजीएसवाइ के अधिकारियों को निर्धारित डंपिग जोन में ही मलबा डालने के निर्देश दिए गए हैं।

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