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ग्रेटर नोएडा के 10 लाख लोगों को नए साल से मिलेगा गंगाजल !

दिल्ली NCR में सटे ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. जहां अब 10 लाख लोगों के लिए गंगाजल मिलने का 15 साल का लंबा इंतजार खत्म होने को है. अब से गंगाजल पहुंचाने के लिए सारी परेशानियां दूर हो गई. वहीं, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नीचे से पाइप लाइन को पार कराने का काम रुक गया था. हालांकि कंपनी द्वाराअब इस काम को पूरा कर लिया गया है. ऐसे में देहरा से लेकर ग्रेनो तक गंगाजल की सभी पाइप लाइन जोड़ दी गई हैं. वहीं, देहरा स्थित प्लांट से टेस्टिंग बीते 7 अक्तूबर को शुरू हो चुकी है. फिलहाल फाइनल जांच जल्द ही शुरू हो जाएगी.

दरअसल, ग्रेनो में साल 2005 में गंग नहर के जरिए 85 क्यूसेक गंगाजल लाने की योजना शुरू हुई थी. वहीं, 800 करोड़ रुपए की लागत आने वाली इस परियोजना से अभी तक लोगों को गंगाजल नहीं मिल पाया है. इस दौरान देहरा स्थित प्लांट में बीते 7 अक्तूबर से टेस्टिंग शुरू हो चुकी गई थी लेकिन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नीचे से पाइप लाइन को पार कराने में परेशनी आने पर NHAI ने आपत्ति लगाई थी. इसके चलते कुछ दिनों के लिए काम रुक गया था. वहीं, NHAI की मंजूरी के बाद प्राधिकरण ने ट्रंचलेस विधि से काम करके पाइपलाइन को एक्सप्रेसवे पार कराने पर काम शुरू किया.

नए साल में ग्रेटर नोएडावासियों को गंगाजल मिलना होगा शुरू

वहीं, प्राधिकरण के एसीईओ ने बताया कि जल विभाग और उनकी की टीम दिन-रात काम करके इसको पूरा करने में जुटी हुई है. वहीं, शनिवार को यह काम पूरा हो गया. इसके साथ ही ग्रेनो तक पाइप लाइन को जोड़ने का काम भी पूरा हो गया है. वहीं, पूर्व में देहरा से बिसाहड़ा तक लाइन की टेस्टिंग हो गई थी. हालांकि अब आगे की टेस्टिंग का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा. उन्होंने बताया कि कोशिश है कि नए साल में ग्रेटर नोएडावासियों को गंगाजल मिलना शुरू हो सकें. फिलहाल परियोजना का काम वन विभाग, सिंचाई विभाग, NTPC और किसानों से जमीन विवाद के चलते रुका हुआ था. अब इन परेशानियों को निपटारा कर दिया गया है.

जानिए कैसे इस परियोजना में आई तेजी

बता दें कि साल 2005 में गंगाजल परियोजना का ऐलान हुआ था. साथ ही 2016 में गंगाजल ग्रेटर नोएडा तक पहुंचाने का पहला लक्ष्य तय हुआ था, लेकिन इस काम में तेजी साल 2017 के बाद से ही आई है. ऐसे में फरवरी 2019 में दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन के नीचे काम करने की अनुमति मिल गई. जहां साल 2019 में NTPC दादरी से NOC मिल गई. वहीं, जून 2021 में वन विभाग ने काम करने की अनुमति दी. साथ ही साल 2021 में IOCL से भी अनुमति मिल गई. वहीं, प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि अक्तूबर 2021 में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नीचे से लाइन डालने की अनुमति मिलने से गंगाजल परियोजना की सभी बाधाएं दूर हो गई. उन्होंने कहा कि गंग नहर से ग्रेनो तक पाइप लाइन जोड़ने का काम भी पूरा हो गया है. अब से ग्रेटर नोएडावासियों के घरों तक बहुत जल्द गंगाजल पहुंचाने की कोशिश की जाएगी.

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