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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- प्रदर्शनकारी इस तरह नहीं घेर सकते सड़क

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। इसी के साथ कोई ने अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार करते हुए सुनवाई के लिए 17 फरवरी को तारीख तय की है।

सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारी इस तरह से सार्वजनिक सड़क को नहीं रोक सकते हैं।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को लेकर कहा था कि वह शुक्रवार को सुनवाई करके दिल्ली विधानसभा चुनाव को प्रभावित नहीं करना चाहता।

इसी के साथ जस्टिस एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि हम इस बात को समझते हैं कि वहां समस्या है और हमें देखना होगा कि इसे कैसे सुलझाया जाए।

शाहीन बाग में रही लबीं लाइनें पर ओखला में नहीं बढ़ा मतदान

वहीं, ओखला विधानसभा क्षेत्र के शाहीन बाग, बाटला हाउस, अबुल फजल एंक्लेव, नूर नगर, जाकिर नगर, गफ्फार मंजिल आदि इलाकों में स्थित मतदान केंद्रों पर लगी लंबी-लंबी लाइनों के बावजूद यहां का मतदान प्रतिशत महज 58.84 प्रतिशत तक ही सिमटकर रह गया।

इस विधानसभा के इन मुस्लिम बहुल इलाकों में तो खूब मतदान हुआ, लेकिन इसी विधानसभा क्षेत्र के हंिदूू बहुल इलाकों मदनपुर खादर, सरिता विहार, जसोला, आली गांव, आली विस्तार आदि के मतदान केंद्रों पर वोटरों ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया।

इस कारण इस विधानसभा क्षेत्र में वोट प्रतिशत बढ़ नहीं सका। सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रहे आंदोलन के कारण पूरे देश की नजरें शाहीन बाग पर रहीं।

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