पिथौरागढ़

सरकार को नहीं सीमांत के लोगों के दिल की फिक्र

पिथौरागढ़: पांच लाख की आबादी वाले सीमांत जिले के लोगों के दिल की सेहत रामभरोसे है। जिले में हार्ट स्पेशलिस्ट का पद पिछले चार वर्ष से रिक्त पड़ा हुआ है। दिल से जुड़ी छोटी सी समस्या के समाधान के लिए लोगों को हल्द्वानी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

 

चार वर्ष पूर्व जिला चिकित्सालय के हार्ट स्पेशलिस्ट सेवानिवृत्त हो गए थे। तब से यह पद खाली पड़ा हुआ है। पिछले एक वर्ष में ही दर्जन भर लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो चुकी है। सैकड़ों लोग दिल की बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन जिले में हार्ट संबंधी बीमारियों के उपचार के कोई इंतजाम नहीं है।

छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिले के लोगों को हल्द्वानी के चक्कर काट रहे हैं। कम आमदनी वाले परिवार चिकित्सक नहीं होने से खासे परेशान हैं।

तमाम संगठन कई बार हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कुमार ने कहा है कि जिले की स्वास्थ सेवाओं का स्तर लगातार गिर रहा है।

आंदोलन के बाद भी सरकार चेत नहीं रही है। उन्होंने कहा है कि जिला चिकित्सालय में हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती जल्द नहीं की जाती है तो जिला मुख्यालय की जनता सड़कों पर उतरने को बाध्य होगी।

जिला चिकित्सालय में हार्ट स्पेशलिस्ट की सेवानिवृत्ति के बाद से नई तैनाती नहीं हुई है। फिलहाल चिकित्सालय के फिजीशियन मरीजों को देख रहे हैं। हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजे गए हैं।