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समस्याओं का समाधान नहीं होने पर खफा जूनियर शिक्षक

बागेश्वर: जूनियर हाइस्कूल शिक्षक संघ की बैठक प्रकटेश्वर मंदिर प्रांगण में आयोजित की गई। जिसमें 13 सूत्रीय मांगों पर मंथन हुआ और निर्णय लिया गया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो शिक्षक अप्रैल माह से आंदोलन का विगुल फूंकेंगे।

शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चरण सिंह बघरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर शिक्षकों ले आक्रोश जताया। उन्होंने 13 सूत्रीय मांगों पर मंथन किया और छह से आठ तक दोहरी व्यवस्था समाप्त करने की मांग की।

जूहा में अंग्रेजी सहित पांच पदों की व्यवस्था करने, प्रधानाध्यापकों को अगली पदोन्नति के अवसर देने, 17,140 के वेतन निर्धारण में नोशनली शब्द हटाकर अप्रैल 2009 से ही वास्तविक निर्धारण करने, उच्चीकृत जूनियर हाइस्कूलों का यू-डायस कोड यथावत रखते हुए इन विद्यालयों को विद्यालय अनुदान व अनुरक्षण की धनराशि प्रदान करने की मांग की।

शिक्षकों ने 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, स्थानांतरण एक्ट को समयबद्धता के साथ लागू करते हुए पूरे सेवाकाल में एक बार गृह जनपद हेतु स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करने, दुर्गम से दुर्गम की भांति सुगम से सुगम पारस्परिक स्थानांतरण किए जाने का एक्ट में प्रावधान करने की मांग की।

उन्होंने शैक्षिक ढांचागत व्यवस्था 9 अप्रैल 2018 शासनादेशानुसार किया करने, शिक्षकों को 7 वें वेतनमान के एरियर का भुगतान करने, सभी शिक्षकों को अतलायुष्मान योजना का लाभ प्रदान करने, प्रदेश की विषम भौगोलिक स्थित, नेटवर्क यांत्रिक व्यवस्थाओं के मध्यनजर, विद्यालयों में आनलाइन के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण मासिक परीक्षा यू-डाइस, शालासिद्धी तथा छात्रवृतिपोर्टल की जिम्मेदारी विद्यालय से हटाने की मांग की।

इसके अलावा जनपद कि समस्याओं की वेतन विसंगति, कपकोट ब्लॉक में 17,140 के अवशेष शिक्षकों का वेतन निर्धारण करने, जनवरी फरवरी 2017 का अवशेष वेतन भुगतान करने, बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगाने, जूहा में सहायक अध्यापकों की पदोन्नति शिक्षक विहीन मानक से कम शिक्षकों वाले विद्यालयों में करने की पुरजोर मांग की।

बैठक का संचालन रमेश रावत ने किया। बैठक में जगदीश आगरी, गिरीश धौनी, प्रताप सिंह दानू, रतन सिह धपोला, जीवन सिंह दोसाद, हरीश थापा, महेश जोशी, आनंद कोरंगा, गोविद गिरी गोस्वामी, महेश लाल वर्मा, कैलाश जोशी, प्रकाश सिंह बनकोटी, बसंत बल्लभ तेवाड़ी, चंदन गिरी आदि मौजूद थे।

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