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व्यावसायिक रूप से बनाया जाएगा कुशल

बागेश्वर : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पांच दिवसीय मैकरम आर्ट एवं टाई एंड डाई कार्यशाला जारी है। इस दौरान प्रशिक्षणाíथयों को उपयोगी चीजों के निर्माण की बारीकियां सिखाई गई।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में सृजनशीलता विकसित करने के साथ ही उन्हें व्यावसायिक रूप से कुशल बनाना भी है। प्रशिक्षक मुन्नी मेहता, सोनी ने कहा कि मैकरम एक प्रकार का धागा होता है।

इसमें गाठों का प्रयोग कर तरह-तरह के सजावटी सामान बनाए जाते हैं। इस आर्ट की बाजार में काफी डिमांड है। टाई एंड डाई कला में पहले कपड़े को धागों की सहायता से बांधा जाता है। इसके बाद विभिन्न रंगों से रंगा जाता है।

बांधना और रंगना ही टाई एंड डाई है। अभी यह प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जा रहा है। इसके बाद शिक्षक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को देंगे। प्रशिक्षण में मुख्यत: ठप्पे द्वारा राजस्थानी बौधनी पेंटिग व मैकरम से विभिन्न उपयोगी चीजों का निर्माण करना सिखाया जा रहा है।

इसका व्यावहारिक प्रयोग शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों में पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के तहत रचनात्मक शिक्षण के लिए किया जाना है। प्रशिक्षण 15 फरवरी तक चलेगा। इस अवसर पर मुन्नी मेहता, सोनी, डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी सहित कई लोग मौजूद थे।

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