हरिद्वार

राह चलते युवक और युवतियों को दोस्त बनाना पड़ा भारी

हरिद्वार,राह चलते लोगों को दोस्त बनाकर घर में पनाह देना एक फैक्ट्री कर्मचारी को महंगा पड़ गया। दोस्त बन घर पहुंचे एक युवक और दो युवतियों ने फैक्ट्रीकर्मी के साथ खाना खाया और फिर बेहोश कर घर से नगदी, मोबाइल और अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। रात में तीनों आरोपित पुलिस टीम के हत्थे चढ़ गए। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

 

सोनीपत हरियाणा निवासी पवन कुमार सिडकुल की एक कंपनी में काम करते हैं। वह रात घर से हरिद्वार पहुंचे। रोडवेज बस अड्डे पर एक युवक और दो युवतियों से उनकी मुलाकात हुई। तीनों ने पवन से बातचीत करते हुए दोस्ती गांठ ली। युवक-युवतियों का कहना था कि उनके पास रात में ठहरने की जगह नहीं है।

पवन उनपर भरोसा कर अपने साथ कमरे पर ले आए। रात में तीनों ने साथ में खाना खाया। उसी दौरान तीनों ने पवन के खाने में बेहोशी की दवा मिला दी। खाने के बाद पवन बेहोश हो गए और तीनों घर से 5400 रुपये नगद, एटीएम कार्ड, मोबाइल व अन्य सामान लेकर चंपत हो गए।

 

रात में सिडकुल थाने की पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। तीनों पुलिस को देखकर ठिठक गए। थाने लाकर पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी कहानी बताई। इसके बाद पुलिस तीनों को साथ लेकर फैक्ट्री कर्मचारी के कमरे पर पहुंची तो वह बेहोश मिला।

 

सिडकुल थानाध्यक्ष प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि आरोपित दीपक निवासी सहारनपुर, मनीषा निवासी ग्राम कुशालपुर नगीना और गीता निवासी ग्राम खतरी थाना बड़ापुर बिजनौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों के आपराधिक इतिहास के बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

 

लिपिक का एटीएम कार्ड  बदलकर 1.65 लाख उड़ाये

 

भगवानपुर क्षेत्र में लिपिक का एटीएम कार्ड बदलकर ठग ने उसके खाते से 1.65 लाख रुपये की रकम साफ कर दी। लिपिक को इसकी जानकारी उस समय हुई जब वह बैंक में रुपये निकालने के लिए पहुंचे। पुलिस को मामले की तहरीर दी गई है।

 

भगवानपुर में थाने के पास आरएनआइ इंटर कॉलेज है। इंटर कॉलेज में कस्बा निवासी सुशील कुमार लिपिक के पद पर तैनात है। 21 जनवरी को लिपिक सुशील कुमार ने पीएनबी के बैंक के एटीएम में रुपये निकालने गए। सुशील कुमार एटीएम से रकम निकालने लगे तो रकम नहीं निकली। इसी बीच एटीएम केबिन के बाहर खड़ा युवक मदद करने के बहाने अंदर आ गया।

 

युवक ने सुशील से पासवर्ड पूछा और उनके खाते से चार हजार की रकम निकालकर उसे दे दी। इसी बीच आरोपित ने चकमा देकर लिपिक का एटीएम कार्ड बदल दिया। लिपिक को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। आरोपित ने 21 जनवरी से लेकर 30 जनवरी तक लिपिक के खाते से 1.65 लाख की रकम साफ कर दी। तीन जनवरी को लिपिक बैंक में रुपये निकालने पहुंचे तो उसे पता चला कि उसका खाता खाली है।

खाता खाली होने की बात सुनकर वह दंग रह गए। बैंक अधिकारियों से जानकारी ली तो पता चला कि उसके खाते से 1.65 लाख की रकम की निकासी हो चुकी है। यह जानकारी होने के बाद पीड़ित ने भगवानपुर थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी है। भगवानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।