पिथौरागढ़

राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता में बांसबगड़ के छात्र योगेंद्र की पेंटिंग चयनित

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नाचनी (पिथौरागढ़) : प्रतिभा निखर कर आगे आती है बस अवसर की प्रतीक्षा रहती है। इसे कर दिखाया है मुनस्यारी विकास खंड के सर्वाधिक पिछड़े और सुविधाविहीन क्षेत्र के राइंका बांसबगड़ के छात्र योगेंद्र ने।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में योगेंद्र की पेंटिंग देश भर की टॉप पचास पेंटिंग में चयनित हुई है। प्रदेश से एकमात्र योगेंद्र की पेंटिंग का चयन हुआ है। योगेंद्र की पेंटिग चयनित होने से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर व्याप्त है।

बीते दिनों खुला आसमान संस्था द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता हुई थी। जिसमें देश भर के बच्चों से पेंटिंग आमंत्रित की गई थी। देश भर के बच्चों ने इस प्रतियोगिता में ऑनलाइन प्रतिभाग किया।

सीमांत जनपद के सीमांत विकास खंड मुनस्यारी के अति पिछड़ा माने जाने वाले बांसबगड़ राइंका के कक्षा 11 के छात्र योगेंद्र ने भी अपनी पेंटिंग ऑनलाइन प्रतियोगिता में भेजी। पूरे उत्तराखंड से सौ से अधिक पेंटिंग भेजी गई, परंतु योगेंद्र की पेंटिग का चयन किया गया और योगेंद्र सिंह ने प्रतियोगिता जीती है।

योगेंद्र सिंह दशौनी गरीब परिवार का है। उसके पिता भूपाल दशौनी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। तल्ला भैंस्कोट गांव निवासी योगेंद्र प्रतिदिन पांच किमी पैदल दूरी तय कर विद्यालय पढ़ने जाता है। गांव सहित पूरे क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव है।

विषम परिस्थिति वाले गांव के योगेंद्र ने भारत की टॉप 50 पेंटिंग में अपनी जगह बनाई है। उसने अपनी इस सफलता के लिए कला शिक्षक राजीव कश्यप को दिया है। योगेंद्र का सपना कला शिक्षक बन कर बड़ा चित्रकार बनने की है।

 

योगेंद्र की इस सफलता पर विद्यालय सहित गांव में खुशी व्याप्त है। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एसके वर्मा, पीटीए अध्यक्ष दिनेश आर्य, शिक्षक विमल किशोर, गोकर्ण सिंह, दीपक उपाध्याय, नीमा, हेमंती, लाल सिंह आदि ने योगेंद्र और कला शिक्षक का माल्यार्पण कर सम्मानित किया।